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डॉक्टरों के दो धड़े, हड़ताल में जयपुर के डॉक्टर साथ नहीं

तय समय से दो दिन पहले हड़ताल, रात तक 60 गिरफ्तार

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 05:35 AM IST
श्रीगंगानगर में 6 डॉक्टर गिरफ् श्रीगंगानगर में 6 डॉक्टर गिरफ्

जयपुर. रेस्मा में गिरफ्तारी के बाद अपने तय समय से दो दिन पहले ही शनिवार से हड़ताल पर उतरे सेवारत डॉक्टर्स पहले ही दिन दो धड़ों में बंटे नजर आए। जयपुर के डॉक्टर्स ने इनका साथ नहीं दिया और वे ड्‌यूटी पर तैनात रहे। हालांकि, जयपुर के रेजीडेंट डॉक्टर्स ने इनका समर्थन करते हुए 18 दिसंबर से अनिश्चितकाल के कार्य बहिष्कार पर जाने की चेतावनी दी है।

- इस बीच, प्रदेशभर में ड्‌यूटी से गायब डॉक्टर्स की धरपकड़ जारी रही। देर रात तक पुलिस ने करीब 60 डॉक्टर्स को रेस्मा में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के डर से सीमावर्ती जिलों के कई डॉक्टर्स दूसरे राज्यों में भाग गए तो कुछ भूमिगत हो गए। हालांकि, इस सबके बीच परेशानी मरीजों को उठानी पड़ी। अस्पतालों की ओपीडी में डॉक्टर नदारद रहे।

- बता दें कि अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने अपनी कई मांगों को लेकर 18 दिसंबर से हड़ताल की चेतावनी दे रखी थी। सरकार ने सख्ती अपनाते हुए शुक्रवार शाम से ही नेताओं की गिरफ्तारी शुरू करा दी।


- इसके विरोध में जयपुर को छोड़कर अलवर, कोटा, जोधपुर, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सीकर, चूरू, जालौर, पाली सहित कई जिलों के करीब 7 हजार डॉक्टर शनिवार से ही हड़ताल पर चले गए। सवाईमाधोपुर सहित कई जगह डॉक्टर थानों के बाहर धरने पर भी बैठे। विरोध-प्रदर्शन किया। जिन डॉक्टर्स ने 18 दिसंबर को मुख्यालय पर उपस्थित रहने का शपथ पत्र दिया, उन्हें रिहा भी कर दिया गया। अब भी कई जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी पुलिस की हिरासत में हैं।

- सेवारत डॉक्टर्स संघ के अध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी और महासचिव दुर्गाशंकर सैनी को पुलिस दिनभर ढूंढ़ती रही, लेकिन वे नहीं मिले। डॉ. चौधरी ने किसी खेत से डॉक्टरों के नाम एक वीडियो जारी किया, जिसमें सरकार को जमकर कोसा।


- श्रीगंगानगर में मरीजों की जांच कर रहे 6 डॉक्टरों को पुलिस गिरफ्तार कर ले गई। बाद में 18 दिसंबर को हड़ताल पर नहीं जाने का शपथ पत्र भरवाकर करीब दो घंटे बाद छोड़ दिया गया।

- जिलाध्यक्ष डॉ. पवन सैनी ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर से मना किया तो उनको शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। जमानत नहीं मिली तो 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कोटा में पुलिस ने शहर के दो डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया। चिकित्सक संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. दुर्गाशंकर सैनी के घर भी छापा मारा, लेकिन वे नहीं मिले।

सरकार के आदेश- सरकारी अस्पताल की पर्ची पर निजी अस्पतालों में करा सकेंगे इलाज

डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए सरकार ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी अस्पताल की पर्ची के माध्यम से निजी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अलवर में 10 निजी अस्पतालों में मरीज सरकारी अस्पताल की पर्ची पर डॉक्टर से मुफ्त परामर्श ले सकेंगे।


चिकित्सा मंत्री बोले- हड़ताल उनका हक तो सख्ती से निपटना हमारा भी हक
कोटा मेडिकल कॉलेज के सिल्वर जुबली समारोह में पहुंचे चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा कि हड़ताल करना डॉक्टरों का अधिकार है तो सख्ती से निपटना हमारा अधिकार है। जब तक ये सभी अनकंडीशनल हड़ताल वापस नहीं ले लेते, कोई वार्ता नहीं होगी। ये लोग काम नहीं करना चाहते। हठधर्मिता अपना रहे हैं, हम घुटने नहीं टेकेंगे।