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दवाई के साथ हनुमान चालीसा पढ़ने की सलाह देते है ये डॉक्टर, ये है पीछे का कारण

डॉक्टर पर्चे पर दवाई के साथ लिखता है कि सुबह-शाम हनुमान चालीसा का पाठ करना।

Dainik Bhaskar

Mar 31, 2018, 09:30 AM IST
डॉ. शर्मा जिन्होंने पर्ची में लिखा है कि हनुमान चालीस का पाठ प्रतिदिन आरती करें। डॉ. शर्मा जिन्होंने पर्ची में लिखा है कि हनुमान चालीस का पाठ प्रतिदिन आरती करें।

भरतपुर(राजस्थान). शहर में एक ऐसे डॉक्टर हैं जो दवाईयों के साथ मंदिर जाने और हनुमान चालीसा का पाठ करने की भी सलाह देते हैं। वे पर्चे पर दवाई के साथ लिखता है कि सुबह-शाम हनुमान चालीसा का पाठ करना। इतना ही नहीं कुछ मरीजों को तो प्रतिदिन मंदिर तक की आरती में शामिल होने के लिए लिखते हैं। इन डॉक्टर का नाम दिनेश शर्मा है जो कि पिछले 20 साल से क्लिनिक चला रहे हैं। ये है इसके पीछे का कारण...

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- मरीज के आते ही उससे नाम, घर और बच्चों के बारे में सब कुछ पूछते हैं। फिर बोलते हैं कि भगवान को मानते हो या नहीं, पूजा पाठ करते हो या नहीं।
- अगर कुछ मरीज ना करते हैं तो उनको हनुमान चालीसा का पाठ पर्चे पर लिखते हैं। जो मरीज कहते हैं कि समय नहीं मिलता पाठ के लिए तो उनको मंदिर की आरती में शामिल होने सुबह-शाम हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए लिख देते हैं।
- रंजीतनगर के डॉ. दिनेश शर्मा क्लिनिक चलाते हैं। हर मरीज के पर्चे पर किसी के हनुमान चालीसा का पाठ, किसी के पर्चे पर सुबह-शाम हनुमान मंदिर में दर्शन तो किसी के पर्चे पर आरती में शामिल होने की सलाह लिखी मिलती है।
- डॉ. दिनेश के मुताबिक ज्यादातर मरीज कई तरह की बीमारियों से पीड़ित होते हैं। उनके साथ ही वे मानसिक रूप से इतने बैचेन होते हैं कि एक दिन दवा लेने के बाद भी फर्क नहीं पड़ने पर घबरा जाते हैं।
- दवा अपना काम करती है और दुआ अपना इसलिए उनकी मानसिक परेशानी दूर करने के लिए दवा के साथ ठाकुरजी की प्रार्थना भी लिखी जाती है। इसका फायदा भी मरीजों को बहुत मिलता है।

रिटायरमेंट ले चुके हैं डॉक्टर

- डॉक्टर राजस्थान मेडिकल विभाग में चिकित्सक रहे हैं लेकिन 1998 में उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया था और अपने घर पर ही निजी क्लिनिक खोलकर मरीजों का इलाज करते है।

- उनका मानना है कि मंदिरों में जाने और हनुमान का पाठ करने से लोगों को फ़ायदा मिलता है।
- उन्होंने करीब 1996 में कुछ एेसे ही मरीजों को देखकर लगा कि मानसिक रूप से इनको मजबूत बनाना जरूरी है इसलिए तब से लेकर आज तक मरीज को दवा लिखने से पहले उनकी मानसिक स्थिति को जानता हूं। इसके बाद भगवान का ध्यान रखने के लिए कहा जाता हैं।

पर्चे पर लिखा हुआ है हनुमान चालिसा का पाठ करने। पर्चे पर लिखा हुआ है हनुमान चालिसा का पाठ करने।
सभी से सुबह-शाम हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए कहते हैं। सभी से सुबह-शाम हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए कहते हैं।
मरीज को देखते हुए डॉक्टर। मरीज को देखते हुए डॉक्टर।
डॉ. शर्मा डॉ. शर्मा
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डॉ. शर्मा जिन्होंने पर्ची में लिखा है कि हनुमान चालीस का पाठ प्रतिदिन आरती करें।डॉ. शर्मा जिन्होंने पर्ची में लिखा है कि हनुमान चालीस का पाठ प्रतिदिन आरती करें।
पर्चे पर लिखा हुआ है हनुमान चालिसा का पाठ करने।पर्चे पर लिखा हुआ है हनुमान चालिसा का पाठ करने।
सभी से सुबह-शाम हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए कहते हैं।सभी से सुबह-शाम हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए कहते हैं।
मरीज को देखते हुए डॉक्टर।मरीज को देखते हुए डॉक्टर।
डॉ. शर्माडॉ. शर्मा
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