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ऑनर किलिंग: पिता ने नाबालिग बेटी को गोली मारी, रात में ही कराया दाह संस्कार

मृतका का परिवार दबंग होने के कारण गांव वाले विरोध करने के बजाए चुप्पी साध बैठे हैं।

Dainik Bhaskar

Dec 14, 2017, 08:30 AM IST
सांकेतिक तस्वीर। सांकेतिक तस्वीर।

धौलपुर. यहां एक गांव में एक पिता ने अपनी ही बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी। यही नहीं, हत्या करने के बाद पिता ने परिजनों के साथ मिलकर बेटी के शव का रातों रात दाह संस्कार भी कर दिया। इससे गांव में सनसनी फैल गई। मृतका का परिवार दबंग होने के कारण गांव वाले विरोध करने के बजाए चुप्पी साध बैठे हैं। सूत्रों की मानें तो घटना की जानकारी पुलिस को भी है, लेकिन लिखित शिकायत नहीं पहुंचने पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।

- दरअसल, सरमथुरा थाना इलाके के रघुवीरपुरा गांव की नाबालिग बेटी एक लड़के से प्यार करती थी और वह उससे साथ कुछ दिन पूर्व घर से भाग गई थी। इससे गुस्साए पिता ने लोक-लज्जा के लिए चलते बेटी को ढूंढना शुरू किया।

- 3 दिन पहले बेटी को ढूंढ लिया और उसे रात को ही घर ले आया। इसके बाद पिता ने तमंचे से गोली मारकर रात को ही अपनी बेटी की हत्या कर दी और रात को ही शव का दाह संस्कार कर दिया। घटना रविवार रात की है।

स्कूल में गैर हाजिर, प्रिंसिपल बोले- कारण पता नहीं
- कई दिनों से नाबालिग बेटी लगातार स्कूल से गैर हाजिर चल रही है। हेडमास्टर महावीर प्रसाद वर्मा ने बताया कि छात्रा लगातार चार दिन से स्कूल से गैर हाजिर है।

- उन्होंने बताया कि बेटी के गैर हाजिर रहने का क्या कारण है, जिसकी उन्हें जानकारी नहीं है। ही बेटी के परिजनों ने स्कूल में उसके गैर हाजिर रहने का कोई कारण बताया है।

दाह संस्कार में नहीं गए लोग

- सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद गांव के लोगों नाबालिग के घर जाकर उसका शव भी देखा है। रात को जब परिजन अंतिम संस्कार कराने के लिए जा रहे थे तो गांव के लोग दाह संस्कार में शामिल होने के लिए भी नहीं पहुंचे।
- इसके बाद गांव के लोग एक-दूसरे से चर्चा तो कर रहे है, लेकिन कोई सामने आकर शिकायत करने को तैयार नहीं है।
- सूत्रों की मानें तो ग्रामीणों ने ही पुलिस तक सूचना पहुंचा दी है, लेकिन कोई शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस अपने स्तर पर जांच में जुटी हुई है।

हत्या करने वाले मां-बाप को कानूनन सजा मिली चाहिए
- राजस्थान बाल संरक्षण विशेषज्ञ राकेश कुमार तिवाड़ी का कहना है कि अगर बालिका भागी है तो नादानी में भागी है। ऐसे में उसे दस्तयाब कर उसकी काउंसिलिंग करनी चाहिए थी। इसके बाद उसे समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए।
- तिवाड़ी ने बताया कि माता-पिता बच्चों को जन्म देते हैं, लेकिन किसी भी माता-पिता को बच्चे की हत्या करने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसा कोई करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार पुलिस कार्रवाई करेगी, ऐसे व्यक्ति को सजा मिलनी चाहिए।

सांकेतिक तस्वीर। सांकेतिक तस्वीर।
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