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शहर का सबसे सुंदर मैसूर महल बना मसान, 25 लाख का फायर सिस्टम भी नहीं बचा पाया इसे

25 लाख रुपए का फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया गया था लेकिन ऑपरेटर नहीं होने के कारण वह चालू ही नहीं हो पाया।

Danik Bhaskar | Mar 28, 2018, 02:46 AM IST

जयपुर. सिरसी रोड स्थित मैसूर महल मैरिज गार्डन मंगलवार को शॉट सर्किट से लगी भीषण आग में खाक हो गया। दो माह पहले इसी फर्म का ईपी स्थित रोज गार्डन भी भीषण आग में खाक हो गया था। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे एंट्री गेट के पास पैसेज एरिया में बिजली पैनल से जुड़ी लाइन मेंं शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। कपड़े व फाइबर का बना होने के कारण चंद मिनट में ही आग की लपटों ने पूरे गार्डन को चपेट में ले लिया। रोज गार्डन अग्निकांड के बाद मैसूर गार्डन में 25 लाख रुपए का फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया गया था लेकिन ऑपरेटर नहीं होने के कारण वह चालू ही नहीं हो पाया।


भीषण आग के कारण आस-पास के पांच किलोमीटर क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची एक दर्जन दमकलों ने 20 फेरे लगाकर दो घंटे में आग पर काबू पाया। तब तक पूरा गार्डन जलकर खाक हो गया। मैसूर महल को शहर का सबसे सुंदर मैरिज गार्डन माना जाता है। हाल ही में नगर निगम ने स्वच्छता अभियान के तहत इसे शहर के बेस्ट गार्डन का दर्जा दिया था।
आग की सूचना मिलने के बाद भांकरोटा, करणी विहार, वैशाली नगर थाना पुलिस के साथ-साथ जिले के पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

एंट्री गेट के पास लगी आग

गार्डन के सुपरवाइजर अजीत के अनुसार मंगलवार दोपहर में करीब दो बजे एंट्री गेट के पास पैसेज एरिया में बिजली पैनल से जुड़ी लाइन कहीं शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। आग लगने के बाद मौजूद कर्मचारियों ने दौड़कर फायर सिस्टम को चालू भी किया था, लेकिन तब तक आग ने पूरे एरिया को घेर लिया।

मौके पर पहुंची तीन इलाकों की दमकलें
फायर अफसर जलज घसिया ने बताया की आग की सूचना मिलने के बाद भांकरोटा, वीकेआई और बनीपार्क फायर स्टेशन से करीब एक दर्जन दमकलें मौके पर भेजी। जिन्होंने 20 फेरे लगाकर करीब दो घंटे में आग पर काबू पा लिया।


शहर का सबसे आधुनिक फायर सिस्टम.. आॅपरेट ही नहीं हो पाया

11 जनवरी को रोज गार्डन की आग के बाद यहां अत्याधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम लगाया गया था। करीब 25 लाख रुपए की लागत से पूरे गार्डन के अंदर फायर सिस्टम और फायर लाइनें लगवाई थी। नामी कंपनी के हाईड्रेंट, फायर इंस्टिंग्यूशर , फायर पंप व हॉज-रील हॉल जैसे उपकरण लगाएं थे। जो फिलहाल जयपुर के किसी गार्डन में नहीं लगे हुए है। फायर सिस्टम की सप्लाई के लिए गार्डन में 75 हजार लीटर की क्षमता के तीन वाटर टैंक भी बने हुए है।

क्यों शुरू हीं हो पाया फायर सिस्टम

प्रबंधन के अनुसार गार्डन का पुरा फायर सिस्टम जनरेटर की लाइन से जुड़ा हुआ था, आग लगने के बाद एक बार तो सिस्टम ने आग की स्थिति को कंट्रोल में किया था, लेकिन इस दौरान आग से जनरेटर की केबल जल गई। उसके बाद फायर सिस्टम डम्प हो गया।

8 अप्रेल को होना था समारोह
गार्डन प्रबंधन के अनुसार आगामी बुकिंग 8 अप्रैल के लिए थी। उसके बाद शादियों की सीजन में लगातार 15 बुकिंग पहले से निर्धारित थी।

छह माह लगेंगे अभी बनने में
गार्डन के मालिक मोहन अग्रवाल के मुताबिक इसे फिर से तैयार होने में 6 माह लगेंगे। आग से करीब 10 करोड़ का नुकसान होने की आशंका है।