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पीपीपी स्कूल: प्राइवेट जैसी पढ़ाई, टीचर्स को मनचाहा तबादला

बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाओं से रहेंगे लैस

Bhaskar News | Last Modified - Jan 08, 2018, 06:25 AM IST

पीपीपी स्कूल: प्राइवेट जैसी पढ़ाई, टीचर्स को मनचाहा तबादला

जयपुर. सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को सभी सुविधाओं के साथ आधुनिक एवं क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए 300 विद्यालयों का संचालन पीपीपी मोड पर जल्द शुरु कराया जाएगा। पीपीपी मोड पर संचालित किए जाने वाले इन स्कूलों में कम्प्यूटर लैब, लाइब्रेरी, सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक उपस्थिति, बालिकाओं के लिए सैनेटरी नेपकिन डिस्पेंसर एवं इन्सीनरेटर जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए छात्रों एवं अभिभावकों को अलग से एक पैसा भी खर्च नहीं करना होगा।


हर स्कूल के विकास पर 75 लाख तक खर्च करेगी पार्टनर संस्था
जो पार्टनर संस्थाएं इन स्कूलों का संचालन करेंगी, उन्हें इन विद्यालयों में क्लास रूम, कम्प्यूटर लैब, लाइब्रेरी, साइंस लैब, खेल मैदान आदि के विकास पर 75 लाख रुपये तक खर्च करने होंगे। इन पार्टनर संस्थाओं की बेस्ट प्रेक्टिसेज का सीधा लाभ भी इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को मिलेगा। खास बात यह है कि सरकारी स्कूलों में दिये जा रहे सभी प्रकार के अनुदान, छात्रवृत्तियां, मिड-डे-मील, निशुल्क किताबें और अन्य लाभकारी योजनाओं के लाभ यहां अध्ययनरत छात्रों को पूर्व की भांति मिलते रहेंगे।

प्रभावित कर्मचारियों को इच्छित स्थानों पर लगाया जाएगा
पीपीपी मोड पर जाने वाले इन स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों को उनकी इच्छा अनुरूप जगह पर लगाया जाएगा। किसी भी कर्मचारी के अधिकार और परिलाभों पर कोई विपरीत असर नहीं होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के पद रिक्त रहने की बड़ी समस्या रहती है। पीपीपी मोड के स्कूलों में पार्टनर संस्थाओं द्वारा 4883 कर्मचारी जीरो वेकेंसी के आधार पर नियुक्त किए जाएंे।


बिना अतिरिक्त शुल्क मिलेगी बेहतर शिक्षा
पीपीपी मोड के तीन चौथाई स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में खोले जाएंगे और एक चौथाई स्कूल संभाग एवं जिला मुख्यालयों को छोड़कर अन्य शहरी क्षेत्रों में खोले जाएंगे। आदर्श और उत्कृष्ट विद्यालयों को पीपीपी मोड पर नहीं दिया जाएगा। जो स्कूल पीपीपी मोड पर जाएंगे, उनमें पढ़ने वाले छात्र वही पढ़ते रहेंगे, ना तो उन्हें कही अन्यत्र भेजा जाएगा और ना ही उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा।

रिजल्ट खराब तो छिनेगा अनुबंध
शिक्षा के क्षेत्र में अनुभवी संस्थाओं को ही पीपीपी मोड पर स्कूलों का संचालन दिया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता के लिए थर्ड पार्टी तथा जिलास्तरीय समितियों द्वारा पहले से ज्यादा कड़े मापदंडों पर वार्षिक मूल्यांकन किया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता उच्च रखने के लिए मापदंडों के अनुसार परिणाम नहीं दे पाने पर सरकार ने पैनल्टी से लेकर संचालन का अनुबंध निरस्त करने तक के प्रावधान रखे हैं।

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Web Title: pipipi school: praaivet jaisi pdheaaee, teachers ko mnchaahaa tbaadlaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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