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7वां वेतनमान अब जनवरी 2017 से मिलेगा, नकद एरियर 3 किस्तों में

7वें वेतनमान को लेकर सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब यह अक्टूबर 2017 की जगह जनवरी 2017 से दिया जाएगा।

Danik Bhaskar | Dec 03, 2017, 04:58 AM IST

जयपुर. 7वें वेतनमान को लेकर सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब यह अक्टूबर 2017 की जगह जनवरी 2017 से दिया जाएगा। इसके साथ ही एरियर भी इसी अवधि से मिलेगा। एक जनवरी 2017 से 30 सितंबर 2017 तक की अवधि के लिए सरकार 5800 करोड़ रु. का नकद एरियर अगले साल तीन किश्तों में देगी। घोषणा का लाभ प्रदेश के 8.55 लाख कर्मचारियों और 3.77 लाख पेंशनर्स को भी मिलेगा।


बता दें कि सरकार ने इस साल 30 अक्टूबर को अक्टूबर 2017 से 7वां वेतनमान देने का नोटिफिकेशन जारी किया था। एरियर को लेकर उठे विवाद के बाद सरकार ने कमेटी गठित की, जिसे वेतन-भत्तों के साथ एरियर के बारे में राय देने को कहा गया था। नई घोषणा का बड़ा लाभ पेंशनर्स को भी होगा, क्योंकि अगर सरकार एक जनवरी से 7वां वेतनमान लागू करने के बजाय सिर्फ एरियर ही देती तो पेंशनर्स को एरियर नहीं मिलता। इस अवधि में रिटायर हुए कर्मियों को भी 7वें वेतनमान के हिसाब से बेनिफिट मिलेगा।

वेतनमान व एरियर से सरकार पर करीब 6 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय भार पड़ेगा। वेतनमान देने के समय में बदलाव की यह घोषणा शनिवार को सचिवालय में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर की गई। इस दौरान उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, वित्त आयोग की अध्यक्ष ज्योति किरण, एसीएस फाइनेंस डीबी गुप्ता व बजट सचिव मंजू राजपाल मौजूद रहे। इस फैसले का फायदा मौजूदा कर्मचारियों के साथ उन पेंशनर्स को भी मिलेगा, जो एक जनवरी 2017 से 30 सितंबर 2017 तक रिटायर हुए हैं। अब इन पेंशनर्स को रिटायरमेंट बेनिफिट सातवें वेतनमान के हिसाब से दिए जाएंगे। सातवें वेतनमान में ग्रेच्युटी 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की गई है। पेंशनर्स को रिटायरमेंट बेनीफिट फिक्सेशन के साथ ही दे दिए जाएंगे। लेकिन एरियर का लाभ कर्मचारियों के साथ ही किस्तों में मिलेगा। सातवें वेतनमान में कर्मचारियों के वेतन-भत्ते बढ़ने के साथ वेतन कटौती भी बढ़ेगी। एसीएस फाइनेंस डीबी गुप्ता ने बताया कि कर्मचारियों के जीपीएफ व आरपीएमएफ में कटौती बढ़ाई जाएगी। यह कटौती कितनी होगी इसका निर्णय अभी शेष है।

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अंदर की बात... 9 माह का फायदा इसलिएबताया : केंद्र के 1 साल बाद देने की परंपरा
वेतनमान को अक्टूबर 2017 की जगह जनवरी 2017 से लागू करने के बारे में उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने कहा कि अभी तक केंद्र ने जितने भी वेतनमान लागू किए, राज्य में अमूमन वे एक साल बाद लागू हुए। केंद्र ने 5वां वेतनमान 1 जनवरी 1996 से लागू किया था, प्रदेश में यह एक जनवरी 97 से लागू हुआ। छठा वेतनमान भी केंद्र में एक जनवरी 2006 से लागू हुआ, लेकिन प्रदेश में इसे एक जनवरी 2007 से लागू किया गया था। इस बार भी ऐसा किया गया।

 

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केंद्र ने जनवरी 2016 से 7वां वेतनमान लागू किया। राज्य सरकार ने इसे अक्टूबर 2017 से लागू करने की घोषणा की। विरोध शुरू हो गया। एरियर को लेकर विवाद बढ़ा तो रिटायर्ड आईएएस अफसर डीसी सामंत की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। कर्मचारी जनवरी 2016 से वेतनमान व एरियर मांग रहे थे। प्रदेश में तीन सीटों पर उपचुनाव हैं। अगले साल विधानसभा चुनाव भी हैं। सरकार ने करीब 12 लाख कर्मचारियों व पेंशनर्स को नाराज करना उचित नहीं समझा। बीच का रास्ता निकालते हुए केंद्र द्वारा लागू वेतनमान के राज्य में एक साल बाद लागू होने की परंपरा का हवाला देते हुए जनवरी 2017 से लागू करने की घोषणा की।

इस तरह मिलेंगी एरियर की 3 किस्तें

 

पहली : अगले साल अप्रैल में, 30 प्रतिशत पैसा मिलेगा
एक अप्रेल 2018 को दी जाएगी। इसमें  30%पैसा दिया जाएगा। यानी सरकार को करीब 1740 करोड़ रु. देने होंगे।


दूसरी: जुलाई में फिर 
30% पैसा

एक जुलाई 2018 को दूसरी किस्त दी जाएगी। इसमें भी कुल एरियर की 30 प्रतिशत राशि दी जाएगी।
तीसरी : अक्टूबर में 40% पैसा दिया जाएगा
एक अक्टूबर 2018 को तीसरी किस्त के रूप में सरकार की ओर से एरियर का 40% हिस्सा दिया जाएगा।