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शादी में कुछ भी दहेज नहीं लिया, एक जोड़े में लाए MA और B.ed तक पढ़ी दुल्हन

डॉक्टर के पिता ने मात्र एक रुपए में रिश्ता तय कर यह विवाह संपन्न कराया।

Bhaskar News| Last Modified - Feb 08, 2018, 03:22 AM IST

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धौलपुर. यहां रहने वाले डॉ. योगेश ने बिना दहेज के शादी कर समाज को एक नया संदेश दिया है। डॉ. योगेश वर्तमान में जोधपुर एक्स के मनोरोग विभाग में 10 माह से कार्यरत हैं। डॉक्टर के पिता ने मात्र एक रुपए में रिश्ता तय कर यह विवाह संपन्न कराया। साथ ही दोनों नव दंपती ने भी अपने बच्चों की शादी बिना दहेज के करने की शपथ ली।

 

- दरअसल,  बसेड़ी इलाके के गांव नकटेपुरा निवासी शिक्षक भंवर सिंह ने अपने बेटे योगेश की शादी बसई नवाब जारोली निवासी सरस्वती के साथ तय की थी।

- इसमें रिश्ता बिना दहेज के केवल एक जोड़ी कपड़ों में तय हुआ। इनकी शादी मंगलवार 6 फरवरी को सैंगर गार्डन में सम्पन्न हुई।

- विवाह में सगे-संबंधी और इलाके के गणमान्य नागरिक भी पहुंचे। समारोह के दौरान बिना दहेज की इस शादी को देख सभी सराहना की।

- यहां मौजूद लोगों ने कहा कि सभी को इस दिशा में पहल करनी चाहिए। इससे समाज व देश की तरक्की संभव है।

- दूल्हे के पिता बताया कि उनका बेटा योगेश जोधपुर स्थित एम्स में कार्यरत है। दूल्हे के परिजनों ने भात, लग्न और शादी में भी लड़की वालों से मात्र 1 रुपया लिया। सिर्फ एक जोड़े में ही दुल्हन को धूमधाम से घर लेकर आए। 

 
समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने किया सम्मान 
- भीमराव अंबेडकर विकास समिति बसेड़ी के अध्यक्ष बाबूलाल टेलर ने समारोह में पहुंच कर दोनों पक्षों के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया तथा बिना दहेज की शादी होने पर वर पक्ष का सम्मान किया।

-उन्होंने कहा कि जब तक इन कुरीतियों को जड़ से नहीं मिटाया जा सकेगा तब तक कोई भी समाज उन्नति नही कर सकेगा। 

 

दुल्हन: जिंदगी का सबसे बड़ा उपहार 
- दुल्हन सरस्वती ने कहा कि यह मेरे लिए सबसे बढ़ा खुशी का पल है। यह जिंदगी का सबसे बड़ा उपहार है। भविष्य में हम भी अपने बच्चों की शादी बिना दहेज के करेंगे। आज के दौर में दहेज लेने व देने की होड़ लगी हुई है।

- परिजनों ने बताया कि दहेज की कुरीति समाज के लिए अभिशाप है। इसको जड़ से समाप्त करने के लिए सभी को आगे आना होगा। 

 

दूल्हा: पढ़ाई के समय से दहेज के खिलाफ 
- दूल्हा डॉ. योगेश कुमार ने बताया कि पढ़ाई के समय से ही मैं दहेज के खिलाफ था। मैंने दहेज नहीं लेने का निर्णय लिया। साथ ही इस फैसले से मेरे कई दोस्त प्रभावित हुए है।

- उन्होंने भी दहेज नही लेने का प्रण लिया है। मैंने अपने बच्चों का विवाह भी बिना दहेज करने करने का संकल्प लिया है। वहीं, पिता भंवर सिंह ने कहा कि समाज में कुछ बदलाव हो यह मेरी हमेशा से प्राथमिकता रही है। 

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