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गुर्जरों को OBC कोटे के साथ 1% अलग से आरक्षण, मोर बैकवर्ड कैटेगरी बनाकर दिया जाएगा लाभ

राजस्थान में अभी एससी को 16 फीसदी, एसटी को 12 फीसदी और ओबीसी को 21 फीसदी सहित कुल 49 फीसदी आरक्षण है।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 05:27 AM IST

जयपुर. पांच प्रतिशत अलग से आरक्षण की मांग कर रही गुर्जर सहित पांच जातियों को राज्य सरकार ओबीसी के साथ ही मोर बैकवर्ड कैटेगरी बनाकर अलग से एक प्रतिशत आरक्षण देगी। इसे गुरुवार को सर्कुलेशन के जरिये कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। अब इसे राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया है। वहां से मंजूरी के बाद इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी होगा।

- ओबीसी आरक्षण वृद्धि विधेयक पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं होना चाहिए।

- प्रदेश में कुल 49 प्रतिशत आरक्षण है। ऐसे में राज्य सरकार गुर्जर सहित पांच जातियों को अलग से आरक्षण नहीं दे सकती है। इसलिए गुर्जर सहित पांच जातियों को तत्काल राहत देते हुए पांच की जगह एक प्रतिशत आरक्षण दिया है। इन्हें ओबीसी में पहले की तरह आरक्षण का लाभ भी मिलता रहेगा।
- प्रदेश में अभी एससी को 16 फीसदी, एसटी को 12 फीसदी और ओबीसी को 21 फीसदी सहित कुल 49 फीसदी आरक्षण है।

उप चुनाव में फायदा

- अगले महीने उप चुनाव की आचार संहिता लगना तय है। ऐसे में अजमेर और अलवर लोकसभा उपचुनाव व मांडलगढ़ के विधानसभा उपचुनाव में गुर्जर बाहुल्य इलाकों को देखते हुए सरकार ने गुर्जर सहित पांच जातियों को खुश रखने की कोशिश की है।

दूसरी जातियां भी नाराज नहीं
- गुर्जरों की मांग है कि ओबीसी के 21 प्रतिशत का कैटेगराइजेशन करके गुर्जर सहित पांच जातियों को पांच प्रतिशत ओबीसी में ही अलग से आरक्षण दिलाया जाए, लेकिन राज्य सरकार एक जाति को खुश करने के लिए ओबीसी की अन्य जातियों को प्रभावित नहीं करना चाहती। इस वजह से कैटेगराइजेशन से राज्य सरकार बचना चाहती है।