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‘सब्सिडी भले ही हटा दें, यात्रा सस्ती करने के दूसरे रास्ते तलाशें’

दूसरे राज्यों से राजस्थान में सब्सिडी कम, चीफ काजी और हज संस्थाओं ने की ग्लोबल टेंडर या अन्य तरीके अपनाने की मांग

Bhaskar News | Last Modified - Jan 17, 2018, 04:07 AM IST

‘सब्सिडी भले ही हटा दें, यात्रा सस्ती करने के दूसरे रास्ते तलाशें’

जयपुर. दूसरे राज्यों की तुलना में राजस्थान के हज यात्रियों को मिलने वाली हज सब्सिडी काफी कम है, राज्य के हज यात्रियों को पिछले साल 13 हजार रुपए की सब्सिडी मिली थी, इसकी कमी से ग्रीन कैटेगरी के हज आवेदकों को हज का खर्च 2.52 लाख पड़ेगा, जो पहले 2.39 लाख पड़ता था। इसी तरह अजीजिया कैटेगरी के हज यात्री पर हज का खर्च 2.19 हजार रुपए आएगा, जो पहले 2.06 लाख रुपए था।


चीफ काजी सहित हज सेवी संस्थाओं, हज यात्रियों व आम मुस्लिम ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सब्सिडी हटाने के बाद आए इस भार को कम करने के लिए केंद्र सरकार को वे तरीके अपनाने चाहिए, जिनसे हज यात्रा सस्ती हो और हवाई यात्रा का खर्च कम हो। इसमें उन्होंने पानी के जहाज और हवाई यात्रा के लिए ग्लोबल टैंडर करने की सलाह भी दी है।

उपाय किए बिना सब्सिडी खत्म करना एससी के आदेशों की अवहेलना
हज यात्रा सस्ती करने के कोई उपाय किए बिना हज सब्सिडी खत्म करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है, जिसमें सब्सिडी 2022 तक खत्म करनी थी। विरोध यह नहीं कि सब्सिडी खत्म की गई, बल्कि केंद्र सरकार व हज कमेटी को ग्लोबल टैंडर व शिप से हज यात्रा जैसे तरीके अपनाने चाहिए, ताकि सब्सिडी हटने से अतिरिक्त भार न पड़े। ऐसा नहीं हुआ तो हज कमेटी को भंग कर दिया जाए और पूरी हज यात्रा प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के हाथों में दे दी जाए। इससे प्राइवेट टूर ऑपरेटरों का ओपन मार्केट होगा, प्रतिस्पर्धा होगी और हज यात्रा अपने आप सस्ती हो जाएगी।
- हाजी निजामुद्दीन, महासचिव, राजस्थान हज वेलफेयर सोसायटी


अतिरिक्त भार कम करने के लिए केंद्र सरकार बनाए नई नीति
केंद्र सरकार हज यात्रियों पर आने वाले अतिरिक्त भार को कम करने के लिए नई नीति बनाए। सब्सिडी खत्म करने का विरोध नहीं है, लेकिन हज यात्रियों को सुविधा, राहत, आसानी हो और कम खर्च में हज यात्रा संपन्न हो जाए तो हज सब्सिडी की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
- एम. सादिक खान, महासचिव, डॉ. जाकिर हुसैन सोश्यल एंड वेलफेयर सोसायटी

प्रधानमंत्री से पूछा : सब्सिडी हटाने में मुस्लिम बहनों की क्या भलाई है?
- प्रधानमंत्री यह बताएं कि तीन तलाक खत्म करने सहित अन्य फैसले मुस्लिम बहनों की भलाई के लिए थे तो हज सब्सिडी खत्म करने में मुस्लिम बहनों की क्या भलाई है? देश के मुसलमान यहां के नागरिक हैं, उनके साथ यह फैसला सही नहीं है। सब्सिडी हटानी है तो सरकार विचार करे कि हज यात्रियों को सुविधा व राहत कैसे मिले, इसके लिए ग्लोबल टैंडर किया जाए।

- सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सब्सिडी 2022 तक खत्म करनी थी, फिर जल्दी क्या है? उमराह 45 से 50 हजार रुपए में हो जाता है क्योंकि वहां कोई भ्रष्टाचार नहीं है। ऐसे में सरकार कुछ तरीके अपनाकर हज यात्रा सस्ती कर सकती है, फिर सब्सिडी की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
- खालिद उस्मानी, चीफ काजी

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Web Title: sabsidi bhle hi htaa den, yaatraa ssti karne ke dusre raaste tlaashen
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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