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डॉक्टर्स काम पर लौटें, सरकार उन्हें गिरफ्तार न करे: हाईकोर्ट

सेवारत डॉक्टर्स कोर्ट के फैसले पर भी चुप, काम पर लौटने का फैसला नहीं किया

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 07:43 AM IST

जयपुर. सेवारत डॉक्टर्स की हड़ताल मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रही। हाईकोर्ट ने सेवारत डॉक्टर्स की हड़ताल के मामले में डॉक्टर्स को तुरंत उनके संबंधित अस्पतालों में काम पर लौटने का निर्देश दिया है। साथ ही राज्य सरकार को कहा है कि वह डॉक्टर्स को गिरफ्तार नहीं करे। उधर, अपनी मांगों के साथ सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में उतरे रेजीडेंट डॉक्टर्स पर सख्ती की गई है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मंगलवार को आदेश दिए कि 20 दिसंबर को सभी रेजीडेंट्स काम पर लौट जाएं, नहीं आने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ रेजीडेंट्स का कहना है कि प्रशासन उनको धमकाए नहीं। डराने से डरने वाले नहीं हैं। हड़ताल जारी रहेगी।


हड़ताल के कारण प्रदेशभर में वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई, लेकिन हालात कई जगह बदतर रहे। जयपुर में सेवारत डॉक्टर्स का असर नहीं दिखा। सेवारत डॉक्टर्स गिरफ्तारी के डर से फोन बंद कर लगातार चौथे दिन भी भूमिगत रहे। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद देर रात तक सेवारत चिकित्सकों ने हड़ताल तोड़ने या जारी रखने के संबंध में कोई फैसला नहीं किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा - काम पर लौटो गिरफ्तार नहीं करेंगे
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने अवकाश पर गए सेवारत चिकित्सकोंं एवं रेजिडेंट्स से तत्काल काम पर लौटने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर लौटने वाले चिकित्सकों की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी व उन्हें जरूरत पड़ने पर सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी। चिकित्सको के साथ हुए समझौते के अधिकांश बिंदुओं की क्रियान्वित कर दी है। चिकित्सा व्यवस्थाओं को नियमित बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही है। कुछ स्थानों पर सेवारत चिकित्सकों की अनुपस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाएं निरंतर जारी है।

अलवर में सेना के 4 डॉक्टरों ने संभाली ओपीडी

सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल के चौथे दिन राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में सेना के डॉक्टर्स ने ओपीडी संभाली। जामडोली व मोबाइल मेडिकल यूनिट से लगाए दो डॉक्टर और जयपुर एसएमएस मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप के लिए आए 3 डॉक्टरों ने शाम 6 बजे तक 1000 से अधिक मरीजों को चिकित्सा परामर्श दिया जिला कलेक्टर के निर्देश पर पीएल पर चल रहे डॉक्टरों की छुट्टी रद्द कर दी गई हैं। इस दौरान बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर तीन संविदा डॉक्टर्स को नोटिस दिए गए।