जयपुर

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कॉन्स्टेबल एग्जाम में नकल, कैंडिडेट का पेपर सॉल्व कर रहे थे हाईटेक एक्सपर्ट

नकल से बचने के लिए...कांस्टेबल भर्ती की पहली बार ऑनलाइन परीक्षा लेकिन अब नकल का हाईटेक गिरोह सामने आया, 6 गिरफ्तार

Danik Bhaskar

Mar 13, 2018, 01:18 AM IST

जयपुर. पुलिस कांस्टेबल के 5390 पदों के लिए पहली बार ऑनलाइन परीक्षा में हाईटेक गैंग द्वारा अभ्यर्थी के कम्प्यूटर को रिमोट एक्सेस पर लेकर दूसरी जगह से पेपर हल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यानी अभ्यर्थी सिर्फ कम्प्यूपटर के आगे बैठा रहता था, पेपर एग्जाम सेंटर से करीब सौ मीटर दूर बने नकल के कंट्रोल सेंटर से हल हो रहा था।


- एसओजी ने मालवीय नगर स्थित सरस्वती इंफोटेक सेंटर पर अभ्यर्थियों से पैसा लेकर पेपर हल करने वाले 5 आरोपियों और सरस्वती इंफोटेक के एक पार्टनर को गिरफ्तार किया है। दो अन्य पार्टनर फरार हैं।

- पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह ने 5 मार्च को ही सेंटर के पास ही एक अन्य बिल्डिंग को किराए पर लेकर वहां समानांतर सेंटर बनाया था। यही से ऑनलाइन पेपर हल कर सबमिट किया जा रहा
था। गिरोह ने कुल 13 अभ्यर्थियों को इसी तरह नकल कराने की बात कबूली है।

नकल का चौंकाने वाला तरीका...चार बिंदुओं में

1. जिस अभ्यर्थी से नकल का सौदा होता, आरोपी परीक्षा से ठीक पहले उसके कम्प्यूटर पर पैन ड्राइव से सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर देते।

2. सॉफ्टवेयर डालने के बाद आरोपी फोन पर अभ्यर्थी के कम्प्यूटर का आईपी एड्रेस नकल के कंट्रोल रूम में बैठे अपने साथियों को बता देते।

3. कंट्रोल रूम में बैठे बदमाश अभ्यर्थी का कम्प्यूटर रिमोट एक्सेस पर ले लेते। यानी उसका कम्प्यूटर दूर बैठे बदमाश चला सकते थे।

4. एक्सेस लेने के बाद कंट्रोल रूम से ही पूरा पेपर हल होता और वहीं से सबमिट हो जाता। अभ्यर्थी को सिर्फ परीक्षा देने का दिखावा करना होता।

गिरफ्तार आरोपियों में 4 हरियाणा, 1 महाराष्ट्र, 1 दिल्ली से
- एसओजी के आईजी दिनेश एमएन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी विकास मलिक (30) रोहतक का रहने वाला है और सरस्वती इन्फोटेक में पार्टनर है।

- अन्य आरोपियों में अमोल महाजन (24) निवासी नासिक, अभिमन्यु सिंह (25), संजय छिकारा (25) निवासी बहादुरगढ़ झज्जर, अंकित सहरावत (18) निवासी सोनीपत एवं अमित जाट (21)दिल्ली का रहने वाला है।

- दो पार्टनर कपिल और मुख्तयार फरार हैं। आरोपी अभिमन्यु और संजय छिकारा एक्सपर्ट हैं। जिन्हें नकल कराने के लिए दस हजार रुपए रोज दिए जा रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों में...
- आरोपी अमोल इंफोटेक में काम करता है। जो एग्जाम शुरू होने के बाद संबंधित अभ्यर्थी के कम्यूटर को हैक करने के लिए पेन ड्राइव से साफ्टवेयर इंस्टाल करता था।

- गिरोह के लोगों ने एग्जाम सेंटर के पास ही किंग विन केमिकल्स की बिल्डिंग को किराए पर लेकर समानांतर सेंटर बना रखा था।

- सरस्वती इंफोटेक के पार्टनर विकास की मदद से परीक्षा सेंटर वाली बिल्डिंग पर वायरलैस लगाया। जाता।

- इसके बाद चयनित कम्प्यूटर्स की स्क्रीन को रिमोट एक्सेस से किंग विन केमिकल्स वाली बिल्डिंग में लगे कम्प्यूटर्स से ऑपरेट किया जाता। मामले का खुलासा होने के बाद इस सेंटर पर पूर्व में आयोजित अन्य ऑनलाइन परीक्षाएं भी शक के दायरे में आ गई है।

- सरस्वती इन्फोटेक का परीक्षा केन्द्र निरस्त। 13 से 17 मार्च तक इस सेंटर पर होने वाले 4000 अभ्यर्थियों की परीक्षा 3 अप्रेल से अन्य सेंटर पर होगी।

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