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जहां सूरज ढलने के बाद चूल्हा जलाने पर रोक, वहां पहली बार हाइटेक बंकर

राजस्थान में भारत-पाक बॉर्डर की सीमा 1370 किमी है। चार जिले श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर से लगती है।

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 01:58 AM IST

बीकानेर (बज्जू). बज्जू उप तहसील का गांव फतूवाला। पाक बॉर्डर से छह किमी दूर। यहां के लोगों ने 1971 का युद्ध देखा था तो उस समय यहां सेना के जवानों को बारिश के एकत्रित पानी से प्यास बुझानी पड़ती थी। अब वहां नहर का पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों के साथ ही सेना को भी जलहौज से पानी की सप्लाई मिल रही है। वर्षों से यहां पर तैनात जवान लोहे के बंकर में बैठकर पहरेदारी करते थे। कोई सुविधा उनके अंदर नहीं थी। गर्मी में तेज धूप तो सर्दी में रात को जमने वाली ठंड के साथ जहरीले जीवों का डर। अंदर से छोटा इतना कि मुश्किल से दो लोग घुटनों के बल ही बैठ पाते थे। मगर, इस साल सीमेंट के हाईटेक बंकर सेना को मिल गए। अंदर से इतने बड़े कि चार-पांच जवान आसानी से इसमें रह सकते हैं। सांप-बिछुओं के अंदर आने का अब कोई डर नहीं। हर समय सेना के जवान यहां तैनात रहते हैं। तनाव की स्थिति हो या सामान्य दिन। रात को पोस्ट पर सेना के जवानाें की गश्त के दौरान ग्रामीणों का बगैर पास यहां से निकलना कानूनन अपराध की श्रेणी में माना जाता है। पहले ग्रामीण सेना से डरते थे। अब उनके साथी बन चुके हैं। आपसी सामंजस्य कई गुना बढ़ा है।

7700 की आबादी वाले गांव में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बाहर निकलने पर रोक
- इसी तरह बॉर्डर से दो किमी पहले एक और गांव पड़ता है आनंदगढ़। यहां सूरज ढलने के बाद चूल्हा और बिजली जलाने पर रोक है।

- करीब 7700 की आबादी वाले इस गांव में सेना के बंकर, और ग्रामीणों के घर आपस में मिले हुए लगते हैं। शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू रहता है।

- अब यहां रेतीले धोरों में हरियाली दिखाई देती है। नहर जो पहुंच गई है। बीएसएफ यहां सिर्फ सुरक्षा नहीं देती...बल्कि आम लोगों के लिए पानी और चिकित्सा सुविधा भी जुटा रही है।

- गौरतलब है कि राजस्थान में भारत-पाक बॉर्डर करीब 1370 किमी लंबा है। चार जिलों श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर से होकर बॉर्डर गुजरता है। हर वक्त करीब 25 हजार जवान सुरक्षा में तैनात रहते हैं।