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एक अप्रैल से हर माह बिजली बिल, घाटा 17 हजार करोड़ कम किया

अगले साल 1 अप्रैल से दो माह की जगह हर माह बिजली का बिल भेजा जाएगा।

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 07:25 AM IST

जयपुर. ऊर्जा मंत्री पुष्पेंद्रसिंह ने दावा किया कि बिजली कंपनियों का घाटा साढ़े पंद्रह हजार करोड़ से घटकर 1981 करोड़ रह गया है। छीजत भी 15 फीसदी तक ले आए हैं। विद्युत नियामक आयोग के निर्देश पर अगले साल 1 अप्रैल से दो माह की जगह हर माह बिजली का बिल भेजा जाएगा। सिंह मंगलवार को सरकार के चार साल पूरे होने पर प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। पुष्पेंन्द्र सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने किसानों को चार वर्षों में 24 हजार 593 करोड़ रुपए का अनुदान दिया है, जबकि पिछली सरकार ने किसानों को 8 हजार 320 करोड़ रुपए का अनुदान दिया था।

86 हजार करोड़ के लोन में से 62 हजार करोड़ सरकार वहन करेगी
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि वितरण निगमों की वित्तीय स्थिति में सुधार और उदय योजना लागू कर विद्युत वितरण कंपनियों का घाटा कम करते हुए 1 हजार 981 करोड़ तक लाया जा चुका है, जो कि पहले 15 हजार 545 करोड़ रुपये था। कंपनियों पर 86 हजार करोड़ के लोन में से 62 हजार करोड़ सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री विद्युत सुधार अभियान के तहत 104 कस्बों में विद्युत छीजत 15 प्रतिशत से कम आ चुकी है तथा वर्ष 2018 तक बाकी स्थानों पर भी छीजत को 15 प्रतिशत से भी कम करने का लक्ष्य है।

ऊर्जा राज्य मंत्री ने बताया कि राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत 27 जिलों के 224 गांव, 9654 ढाणियां विद्युतीकृत कर 8.4 लाख घरेलू कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 7.60 लाख घरेलू कनेक्शन देने का लक्ष्य है एवं इस योजना के तहत बीपीएल परिवारों को निःशुल्क कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं। चार सालों में 1 लाख 60 हजार कृषि कनेक्शन जारी किए गए हैं।

शाहपुरा में ट्रांसफार्मर फटने की रिपोर्ट 43 दिन बाद भी नहीं

शाहपुरा में 43 दिन पहले बम की तरह फटे ट्रांसफार्मर से मारे गए 21 बारातियों की जांच रिपोर्ट को लेकर सवाल पर मंत्री ने कहा रिपोर्ट आई नहीं हैं। दुखांतिका के डेढ़ माह बाद भी सरकार की तरफ से 21 मौतों के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि जयपुर संभागीय आयुक्त को जांच सौंपी गई थी। रिपोर्ट तैयार करवा रहे हैं। जांच पूरी होने पर रिपोर्ट सीएम के सौंपी जाएगी। मंत्री से जब पूछा गया कि शाहपुरा में ट्रांसफार्मर फटने जैसे हादसे प्रदेश में चार साल में कितने हुए। कितने लोग और कर्मचारी विद्युत लाइनों और ट्रांसफार्मर से मारे गए। कितने लोग विद्युत चोरी करते पकड़े गए। कितने स्थानों पर विजिलेंस टीमों ने दबिश दी। कितने छापे डाले गए। इन सभी सवालों पर मंत्री जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में सुधार के प्रयास जारी है।

हर माह एक लाख शिकायतों का निस्तारण, डेढ़ करोड़ एलईडी बांटी...टोल फ्री काल सेंटर खोले

ऊर्जा मंत्री ने बताया उपभोक्ताओं की हर प्रकार की शिकायत के समाधान के लिए डिस्कॉम मुख्यालय पर टोल फ्री केंद्रीकृत काल सेन्टर खोले गए हैं। काल सेंटर द्वारा प्रतिमाह 1 लाख शिकायतों का समाधान किया जा रहा है। अत्यंत सस्ती दर पर 1.44 करोड़ एलईडी बल्ब, 53741 पंखे एवं 1.82 लाख ट्यूबलाइट्स वितरित किए गए। मोबाइल पर एसएमएस के जरिए बिल जारी होने व जमा होने की सूचना देनी शुरू की।

हाई टेंशन लाइनों के नीचे बसावट जनता की गलती
मंत्री से पूछा गया कि पृथ्वीराज नगर के आस पास दर्जनों कॉलोनियों सहित हजारों अनएप्रूव्ड कॉलोनियों के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइनों के हटाने और दुर्घटनाएं रोकने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह लोगों की गलती है। हाई टेंशन लाइनों के नीचे बसावट नहीं होनी चाहिए। लोग ऐसी जगह पट्टे लेकर रहते ही क्यों है?

दूसरे साल भी सर्वाधिक एलईडी का पुरस्कार

जयपुर। ऊर्जा संरक्षण कार्यों (स्ट्रीट लाइट) में श्रेष्ठ कार्य करने पर डीएलबी राजस्थान को केन्द्रीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार-2017 से ऊर्जा दिवस के अवसर पर 14 दिसम्बर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद सम्मानित करेंगे। यह पुरस्कार निदेशालय स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक एवं संयुक्त सचिव पवन अरोड़ा ग्रहण करेंगे। गत वर्ष भी यह पुरस्कार राजस्थान को ही प्राप्त हुआ था। अरोड़ा ने बताया कि प्रदेश मे अब तक 162 नगरीय निकायों में 8.67 लाख एलईडी लाइट्स लगाई जा चुकी है, जो की अन्य राज्यों की तुलना मे सर्वाधिक है। राज्य की सभी 191 निकायों में एलईडी स्ट्रीट लाइट्स प्रोजेक्ट लागू करने के लिए 23 जून 2015 को एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) नई दिल्ली के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किया गया।