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इजरायल से 10 साल पहले जैतून का पौधा लाया, इससे चाय बनाई; पीकर खुश हुए नेतन्याहू

नेतन्याहू को राष्ट्रपति भवन में पिलाई गई थी राजस्थान में बनाई गई चाय

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 04:28 AM IST

जयपुर. राजस्थान में 2008 में इजरायल से जैतून का पौधा लाया गया, अब वही इजरायल हमसे जैतून की पत्तियों से चाय बनाने की फॉर्मूला सीखने की मांग कर रहा है। दरअसल, देश के दौरे पर पहुंचे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को राष्ट्रपति भवन में राजस्थान ऑलिव कल्टीवेशन लि. द्वारा बीकानेर में उत्पादित जैतून से बनी चाय पेश की गई। नेतन्याहू ने स्वाद की तारीफ की और जैतून उत्पादन और चाय प्रोसेसिंग की जानकारी ली। वे इतने प्रभावित हुए कि राजस्थान से जैतून की चाय बनाने की तकनीक इजरायल को सिखाने की पेशकश कर दी।

- कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि हमें गर्व है कि जिस इजरायल से हम जैतून का प्लांटिंग मैटेरियल लाए थे, वहां के पीएम हमसे चाय बनाने की तकनीक सीखना चाह रहे हैं।

- राज्य में जैतून की खेती की शुरुआत वसुंधरा सरकार के पिछले कार्यकाल में हुई थी। उस समय मुख्यमंत्री राजे के नेतृत्व में कृषि विशेषज्ञों का दल इजरायल गया था। वहां से लौटने के बाद प्रदेश में जैतून की खेती करने का निर्णय हुआ।

20 मार्च, 2008 को बस्सी के ढिंढोल फार्म पर जैतून का पहला पौधा रोपा गया।

- प्रदेश में अलग-अलग सात जगह जलवायु के हिसाब से जैतून की अरबेक्विना, बरनियर, फ्रंटोयो, कोर्टिना, कोलोनाइकी, पासोलिन, पिकुअल किस्म के पौधों का रोपण किया गया।

- यह प्रयोग सफल हुआ और राज्य में जैतून लहलहाने लगा। रोचक बात है कि जैतून राज्य की परंपरागत फसल नहीं होने के बावजूद भी इसका उत्पादन और प्रसंस्करण सफलतापूर्वक होने लगा है।

HIV जैसे रोगों से लड़ने में कारगर
- विद्यासागर यूनिवर्सिटी ने राज्य सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में जैतून को 12 प्रकार के कैंसर सहित एचआईवी जैसे रोगों से लड़ने में कारगर माना है।

- शोध में पता चला है कि राज्य में उत्पादित हो रहे जैतून में टाइटरपेनिक एसिड मिला है। इस एसिड का उपयोग कैंसर प्रतिरोधी दवा बनाने में होता है।

- जांच में पाया गया है कि 100 ग्राम जैतून फल में 60 मिलीग्राम तक यह तत्व पाया जाता है। इसके साथ ही इसकी चाय भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज का काम करेगी। यह चाय एंटी ऑक्सिडेंट और एंटीडायबिटीक होने के साथ ही हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करती है।

राजस्थान में हुआ पहला प्रयोग, बस्सी में है चाय बनाने का प्रोजेक्ट

- राज्य सरकार ने जैतून उत्पादक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए इसकी पत्तियों के विपणन और प्रसंस्करण के लिए शोध शुरू किया।

- कई माह चले शोध में सामने आया कि इसकी पत्तियों से चाय बनाई जा सकती है। चाय बनाने के लिए ओलिटिया फूड्स कंपनी ने सरकार के साथ एमओयू किया।

- जयपुर के बस्सी में जैतून पत्तियों की चाय बनाने का प्रोजेक्ट लगाकर विश्व की पहली प्रसंस्कृत चाय का उत्पादन शुरू किया।