--Advertisement--

जयपुर एयरपोर्ट आया अर्श से फर्श पर, विश्व में नंबर 1 का छिना खिताब

जिस एयरपोर्ट पर शहरवासियों को गुमान था, वो जयपुर एयरपोर्ट इस बार बुरी तरह फिसड्डी साबित हुआ है।

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 06:17 PM IST

जयपुर. जयपुरवासियों का एक अभिमान टूट गया। जिस एयरपोर्ट पर शहरवासियों को गुमान था, वो जयपुर एयरपोर्ट इस बार बुरी तरह फिसड्डी साबित हुआ है। एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) के जिस सर्वेक्षण में जयपुर पिछले दो साल से विश्व का नंबर 1 एयरपोर्ट बना हुआ था। वो इस बार टॉप-3 एयरपोर्ट की गिनती में भी कहीं नहीं है। जानें क्या रहेगा खास...


- एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल एक ऑटोनॉमस संस्था है। जो विश्व के 176 देशों के एयरपोर्ट का सर्वेक्षण करती है और उनकी रैंकिंग जारी करती है।

- वर्ष 2015 और 2016 में किए गए सर्वेक्षण में 20 से 50 लाख सालाना यात्रीभार क्षमता के एयरपोर्ट में जयपुर एयरपोर्ट को विश्व का नंबर 1 एयरपोर्ट चुना गया था। वर्ष 2016 में तो जयपुर एयरपोर्ट को दो अवार्ड दिए गए थे।

- इनमें पहला एयरपोर्ट क्षेत्रफल के अनुसार विश्व में नंबर 1 चुना गया और दूसरी श्रेणी, जिसमें क्षेत्रफल और रीजन के हिसाब से एशिया पेसिफिक में जयपुर एयरपोर्ट को नंबर 1 चुना गया था।

- इन दो अवार्ड के बाद वर्ष 2017 के ताजा सर्वेक्षण में जयपुर एयरपोर्ट टॉप एयरपोर्ट की गिनती में भी शुमार नहीं है।

- जिस श्रेणी में पिछली बार जयपुर एयरपोर्ट नंबर 1 रहा था, उस जगह पर इस बार लखनऊ एयरपोर्ट रहा है। वहीं 20 लाख से कम यात्रीभार श्रेणी में एशिया पेसिफिक रीजन में नंबर 1 का खिताब इंदौर एयरपोर्ट को मिला है।

ये रहे हैं विजेता


- 20 से 50 लाख की श्रेणी में लखनऊ एयरपोर्ट प्रथम,
- इक्वाडोर का गुयाकिल एयरपोर्ट दूसरे नंबर पर रहा,
- इंडोनेशिया का बांडुंग एयरपोर्ट तीसरे नंबर पर रहा
- बेस्ट एयरपोर्ट बाई साइज एंड रीजन में लखनऊ प्रथम
- 20 से 50 लाख यात्रीभार श्रेणी में रहा लखनऊ प्रथम
- मोस्ट इम्प्रूव्ड एयरपोर्ट की श्रेणी में अहमदाबाद नंबर वन पर

- जयपुर एयरपोर्ट पर खराब व्यवस्थाओं को लेकर भास्कर एयरपोर्ट प्रशासन को खबरों के माध्यम से लगातार 'आईना' दिखाता रहा है। एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें, चैक इन एरिया और एक्स-रे स्कैनर्स पर भीड़, वेटिंग लाउंज में बैठने के लिए सीट नहीं मिलना और टॉयलेट जाने के लिए भी लाइन में लगना यात्रियों को लगातार परेशान कर रहा था। यह सर्वेक्षण एसीआई 34 मानकों के आधार पर करती है। जिसमें एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, टॉयलेट, कस्टम, इमिग्रेशन, चैक इन एरिया, वेटिंग लाउंज जैसी विभिन्न सुविधाओं को लेकर सर्वेक्षण किया जाता है। इस दिशा में जयपुर एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं को यात्रियों ने नापसंद किया। इससे पहले भी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने भी वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में किए गए सर्वे में जयपुर को 86वीं रैंक दी थी।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने दी एयरपोर्ट को 86वीं रैंक


- एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जारी किया चौथी तिमाही का परिणाम
- 2017 की चौथी तिमाही में जयपुर की रही 86वीं रैंक
- एएसक्यू सर्वेक्षण में 5 में से 4.46 रैंकिंग अंक थे जयपुर के
- जबकि तीसरी तिमाही में जयपुर था 60वें स्थान पर
- एएआई की रैंक में लखनऊ रहा था 30वें स्थान पर

जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन के लिए एसीआई की यह रैंक चेतावनी के रूप में देखी जा सकती है। वर्तमान में भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। यदि जल्द ही एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 का विस्तार नहीं किया गया या फिर पुराने एयरपोर्ट टर्मिनल-1 को शुरू नहीं किया गया तो यात्रियों की समस्याएं बरकरार रहेंगी। इसलिए जरूरत इस बात की है कि एयरपोर्ट प्रशासन कमियों का विश्लेषण करे एवं जल्द ही इन समस्याओं का समाधान करे।
सर्वे का महत्व : भारत सहित 176 देशों के 1953 एयरपोर्ट से जुड़ी है एसीआई : एसीआई अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो भारत सहित विश्व के 176 देशों के 1953 एयरपोर्ट से जुड़ी है। संस्था सालाना सर्वे करते हुए श्रेष्ठ सेवाओं के लिए अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड देती है। सर्वे में टॉप-3 रैंक हासिल करने वाले एयरपोर्ट को 10 से 13 सितंबर को कनाडा में आयोजित कार्यक्रम में अवॉर्ड देकर सम्मानित किया जाएगा।