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दिल-सा रोशन अल्बर्ट हॉल, दैनिक भास्कर की जयपुर को अनूठी सौगात

हर शाम 6:30 से रात 10 बजे तक 7 रंगों के 200 शेड्स से निखरेगा अल्बर्ट हॉल, गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर किया स्विचऑन

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 06:01 AM IST

जयपुर. अपनी गुलाबी खूबसूरती में इतराते जयपुर की रंगीनियत और इसका रोशनी से लगाव जगजाहिर है। त्योहार कोई भी हो, मंदिर-महल-हवेली और बाजार रोशन हो जाते हैं। रंगों और रोशनी का यह त्योहार अब रोजाना होगा। दैनिक भास्कर को जयपुर ने जो प्यार दिया है, यह उसी की रोशनी है जो पूरे साल हर रोज होगी।

रोजाना शाम 6:30 से रात 10 बजे तक 7 रंगों के 200 शेड्स से हर पल अलग छटा बिखेरते अपने चहेते अल्बर्ट हॉल को आप देख पाएंगे। रामनिवास बाग के बीच यह इमारत चमकते-दमकते और निखरते दिल जैसी है। गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर गुुरुवार को दैनिक भास्कर के लाइट शो का स्विचऑन हुआ। यह हमारे आपसी रिश्तों में गर्माहट की रोशनी है...आइए! आपका स्वागत है।

नॉर्थ इंडिया में ताजमहल के बाद सबसे खूबसूरत आर्किटेक्चर

इंडो-मुगल-यूरोपियन
3 शैलियों का मिश्रण

1. भारतीय (राजपूत): टोडिया, छज्जे, मेहराब
2. मुगल: गुम्बज, जालियां
3. एंग्लो (यूरोपियन): मार्बल के पिलर में अंगूर के गुच्छे, पाम की पत्तियां, फ्लॉवरिंग

पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के पिदेशक हृदेश कुमार के मुताबिक- इस इमारत को जिस शिद्दत और कारीगरी से बनाया, उससे यह ताजमहल के बाद नॉर्थ इंडिया की सबसे खूबसूरत आर्किटेक्ट एेतिहािसक इमारत बनी। यह राजस्थान की शान है।

अल्बर्ट हॉल पर यह लाइट शो प्रोलिफिक विज्युअलक्राफ्ट के एमडी उदित बंसल ने डिजाइन और इंस्टाल किया है।

लाइट शो से म्यूजियम की खूबसूरती और निखरेगी

अल्बर्ट हॉल पर लाइट शो के प्रति प्रसन्नता जतातेे हुए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा- यह भास्कर की अनूठी पहल है। इसका अनुपम अनुभव शहरवासी और पर्यटक रोजाना ले सकेंगे। अल्बर्ट हॉल जैसी ऐतिहासिक धरोहर की बनावट दर्शकों को एक नए अंदाज में दिखेगी। म्यूजियम का आर्किटेक्चर और निखरकर आएगा।

बड़ी मेहनत से बनाई धरोहर है अल्बर्ट हॉल, इसे चमकदार होना ही चाहिए

11 साल बनने में लगे
प्रिंस ऑफ वेल्स अल्बर्ट सप्तम जयपुर घूमने आए थे। उन्हीं के हाथों से शहर की इस धरोहर की नींव का पत्थर रखवाया गया था। 1876 में बनना शुरू हुआ और 1887 में अल्बर्ट हॉल बनकर तैयार हुआ।

भीतर भी देखने को कला और इतिहास का खजाना
- 3 चीजें सबसे अद्भुत
- 322 ईसा पूर्व मिस्र की ममी। 1632 का पर्शियन कार्पेट और उत्तर गुप्तकाल की यक्ष की 4.9 फीट की महीन कारीगरी से बनी 1500 साल पुरानी मूर्ति। पुरातन औजार, सिक्के, मिनिएचर पेंटिंग जैसा बहुत कुछ।