जयपुर

--Advertisement--

JDA की तंगी: सरकार के चौथे साल के समारोह का पूरा खर्च उठाने से किया इंकार

प्रभारी मंत्री और कलेक्टर ने 18 दिसंबर के समारोह और एग्जीबिशन की जिम्मेदारी डाली थी

Danik Bhaskar

Dec 16, 2017, 05:21 AM IST

जयपुर. जेडीए (जयपुर विकास प्राधिकरण) में आर्थिक मंदी का असर अब सरकार के कार्यक्रमों पर भी दिखने लगा है। पहली बार ऐसा हुआ है, जब सरकार की चौथी वर्षगांठ पर राजधानी में होने वाले कार्यक्रमों का खर्च उठाने को लेकर जेडीए बैकफुट पर आ गया है। पिछली बार टैंट समेत दूसरी व्यवस्थाओं पर जेडीए ने सवा करोड़ रु. खर्च किया था, लेकिन इस बार प्रभारी मंत्री और कलेक्टर ने जब जेडीए को 18 दिसंबर को होने वाले समारोह और रामलीला मैदान में लगने वाली एग्जीबिशन का खर्च उठाने को कहा तो जेडीए ने साफ कर दिया कि वो खुद ही उधार के पैसों से विकास कार्य कराने को मजबूर है। ऐसे में इस बार दूसरे विभाग के जरिए यह काम कराया जाए। हालांकि फिर दबाव के चलते खर्च का बंटवारा किया गया।

- अब तय हुआ है कि 3 दिवसीय एग्जीबिशन का खर्च नगर निगम उठाएगा और एमएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउंड के समारोह की जिम्मेदारी ना-ना करते भी जेडीए के हिस्से में आ गई। बात चाहे सद्गुरु के सीतापुरा में होने वाले योग कार्यक्रम की हो या फिर सेना भर्ती की व्यवस्थाओं सहित दूसरी कई बेगार।

- सभी की जिम्मेदारी जेडीए के खाते में ही आती थी। लेकिन अब जेडीए ने इनसे किनारा करना शुरू कर दिया है।

- अतिरिक्त आयुक्त प्रशासन ओपी बुनकर और जेडीसी वैभव गालरिया ने खर्च का बंटवारा होने की बात स्वीकारी।

पट्टे, ऑक्शन रुके पड़े, आमद जीरो... बैलेंस 30 करोड़

- जेडीए में आय के स्रोत पट्टे रुके हुए हैं। स्कीमों के प्रति रुझान ठंडा है। जमीनों के ऑक्शन हो नहीं रहे।

- हाल ही में रोडवेज ने जो प्लॉट ऑक्शन करने के लिए कहा है, उनको भी खरीदार नहीं मिल रहे। ऐसे में कोई आमद नहीं हो रही।

- 30 करोड़ के आसपास बचे हैं खाते में। जबकि जेडीए का प्रतिमाह सैलरी और रुटीन खर्च ही 10 से 15 करोड़ तक हो जाता है।

- प्राधिकरण के ऐसे हालात शहर के विकास के लिए अच्छे नहीं हैं। इसके चलते करीब 6 माह से कोई बड़ा काम हाथ में नहीं लिया जा सका और केवल कटौती जारी है।

पृथ्वीराज नगर में विकास रुके, जनता का फूटा आक्रोश

- सरकार ने पृथ्वीराज नगर के नियमन के साथ ही विकास कार्यों के जो दावे किए थे, वो भी अधूरे हैं। पट्टों के साथ ही मौके पर बिजली, पानी, सीवर सड़क जैसी जरूरतों के काम भी नहीं हो रहे।

- पृथ्वीराज नगर जन अधिकार संघर्ष समिति के अध्यक्ष घनश्याम सिंह और मुख्य संरक्षक अशोक शर्मा ने कहा कि जेडीए को कई बार अवगत कराने के बावजूद विकास कार्य ठप है, जिनका अब पुरजोर विरोध किया जाएगा।

Click to listen..