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नगर निगम आपसे पूछ रहा है कि क्या शहर साफ है? रैंकिंग अब आपके हाथ में

स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 में 4000 में से 1400 अंक सिर्फ पब्लिक फीडबैक के...मेयर ने शुरू किए सिटीजन फीडबैक कियोस्क

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 07:23 AM IST

जयपुर. शहर को साफ करने के अभियान में नगर निगम का जोर भले ही जमीनी कामों से ज्यादा प्रचार पर है, मगर मेयर अशोक लाहोटी अब चाहते हैं कि जनता पॉजिटिव फीडबैक देकर स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 में जयपुर की रैंकिंग सुधार दे। इस बार सर्वेक्षण के 4000 अंकों में 1400 अंक आमजन की प्रतिक्रिया के हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को सिटीजन फीडबैक कियोस्क शुरू किए गए हैं। ये कियोस्क 20 स्थानों पर लगाए जाएंगे।

मेयर अशोक लाहोटी व आयुक्त रवि जैन ने निगम मुख्यालय में लगे कियोस्क का फीता काटकर शुभारंभ किया, मेयर ने बतौर प्रथम नागरिक न सिर्फ अपना फीडबैक दिया बल्कि उम्मीद भी जताई कि लोगों की सकारात्मक सोच ही जयपुर को रैंकिंग में ऊपर लाएगी। हालांकि सफाई व शौचालयों की स्थिति को लेकर हो रहे प्रदर्शन और पिछले दिनों ओडीएफ जांच के लिए आई केंद्रीय टीम को मिले फीडबैक से उम्मीद कम ही है कि जनता के कंधों पर चढ़ जयपुर नगर निगम रैंकिंग में उछाल मार सके।

इन सवालों के जवाब आप दीजिए

1. क्या आप जानते हैं कि आपका शहर स्वच्छता रैंकिंग के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में भाग ले रहा है?
2. क्या पिछले साल के मुकाबले आपका क्षेत्र साफ है?
3. क्या इस साल आपने सार्वजनिक क्षेत्रों में कूड़े के डिब्बे (कचरा पात्र) का उपयोग शुरू कर दिया है?
4. क्या आप इस वर्ष आपके घर से अलग-अलग कचरा एकत्रित किया जाने की व्यवस्था से संतुष्ट हैं?
5. क्या आपको लगता है कि आपके शहर में पिछले वर्ष के मुकाबले मूत्रालय, शौचालयों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जिससे शहर में खुले में पेशाब, शौचालय करना कम हो गया है?
6. क्या सामुदायिक या सार्वजनिक शौचालय अब अधिक साफ और सुलभ है?

आईईसी एलईडी वैन को दिखाई हरी झंडी
मेयर अशोक लाहोटी ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 की आईईसी एलईडी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एलईडी वैन के माध्यम से पूरे शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के बारे में जागरूक किया जाएगा। एलईडी वैन्स के माध्यम से लोगों को प्लास्टिक कैरी बैग इस्तेमाल न करने, खुले में शौच न करने, डस्टबिन इस्तेमाल करने और सड़क पर खुले में कचरा न डालने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मगर जिम्मेदारों के लिए सवाल और भी हैं
नगर निगम भले ही शहर को खुले में शौच मुक्त बना देने का दावा कर रहा हो, लोगों के प्रदर्शन सार्वजनिक शौचालयों की हकीकत बयां कर रहे हैं। मंगलवार को ही दादा बाड़ी कच्ची बस्ती के लोग निगम मुख्यालय पर लोटा-बोतल लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। उनकी शिकायत थी कि खुले में शौच से रोका जा रहा है, लेकिन निगम के शौचालय बने ही नहीं हैं। कुछ ऐसा ही फीडबैक पिछले दिनों आई केंद्रीय टीम को भी मिला था। ऐसे में मुश्किल ही है कि जनता से सर्वेक्षण में पॉजिटिव फीडबैक मिल पाए।