जयपुर

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सरकारी होटल पहले ही घाटे में, अब लक्ष्मी विलास को होटल बनाने पर जेडीए को कंफ्यूजन

कनक भवन को गेस्ट हाउस बनाने के कारण जीएडी को देना पड़ेगा...ऐसे में इस संपत्ति से इनकम पर असर पड़ना तय है

Danik Bhaskar

Dec 27, 2017, 03:38 AM IST

जयपुर. शहर के सेंट्रल पार्क के पास बने लक्ष्मी विलास होटल, कनक भवन व अस्तबल को लेकर कमेटी ने होटल व गेस्ट हाउस बनाने की सिफारिश की है। लेकिन इसका अंतिम फैसला बुधवार को यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी की अध्यक्षता में होने वाली मीटिंग में होगा। पहले से घाटे में चल रही सरकारी होटलों को देखते हुए जेडीए इसे होटल बनाए रखने पर कंफ्यूजन की स्थित में आ गया है।

कनक भवन को गेस्ट हाउस बनाने के कारण जीएडी को देना पड़ेगा। ऐसे में इस बहुमूल्य संपत्ति से कोई खास इनकम नहीं हो पाएगी। जबकि इस 14 बीघा जमीन की कीमत 350 करोड़ रुपए आंकी गई है। हालांकि होटल या कनक भवन को प्राइवेट कंपनी को देकर भी संचालित करने का विकल्प रखा जा रहा है। जेडीए के एडिशनल कमिश्नर ओपी बुनकर का कहना है कि पहले से होटल चल रही थी ऐसे में कमेटी ने होटल बनाने की सिफारिश की है। अब सरकार को इस पर अंतिम फैसला करना है।

जमीन पर 1973 से चल रहा है विवाद

- जेडीए ने 1973-74 लक्ष्मी विलास होटल और कनक भवन सहित 322 बीघा जमीन अवाप्त की थी। जेडीए ने 1993 में जमीन पर कब्जा लिया। दोनों भवनों पर कब्जे को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगी। हाईकोर्ट ने 2010 में जेडीए के पक्ष में फैसला किया। दोनों संपत्तियों के कब्जाधारियों ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की।

- राजपरिवार और संपत्ति विवाद के आधार पर राजपरिवार ने भी एसएलपी दायर की। सुप्रीमकोर्ट ने 3 मई को अवाप्ति के मामले में जेडीए के पक्ष में फैसला सुनाया था। साथ ही आदेश दिया कि इन संपत्तियों पर जेडीए दो महीने में कब्जा लेकर रिपोर्ट पेश करे। इस पर जेडीए ने 26 मई को मौके पर करीब 12 से 14 बीघा जमीन का कब्जा ले लिया था तथा अपना ताला लगा कर गार्ड लगा दिए है।

कमेटी में शामिल

लक्ष्मी विलास की जमीन के उपयोग को लेकर यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी के निर्देश पर जेडीए के एडिशनल कमिश्नर ओपी बुनकर, पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक केएल पांडेय, जीएडी के संयुक्त सचिव गौरव बजाज की कमेटी बनाई थी।

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