जयपुर

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राजस्थान: जिला प्रमुख पर फर्जी नाम और दस्तावेजों से चुनाव जीतने का केस

अभय ने कोटा के जिस स्कूल से वर्ष 1990-91 में कक्षा आठ पास होना बताया, तब वह स्कूल ही अस्तित्व में था नहीं।

Danik Bhaskar

Jan 26, 2018, 04:43 AM IST

जयपुर. करौली जिला प्रमुख अभय कुमार मीना पर झूठे नाम, फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज व नामांकन पत्र में गलत तथ्य पेश कर चुनाव लड़ने का मामला सामने आया है। भरतपुर संभागीय आयुक्त की जांच में खुलासे के बाद ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग के निर्देश पर जिला परिषद के सीईओ सुरेंद्र माहेश्वरी ने कोतवाली थाने में आपराधिक मामला दर्ज करवाया है। वे सपोटरा से कांग्रेस विधायक रमेश मीणा के भाई हैं।

- जिला प्रमुख ने कहा- डाॅ. किराेड़ीलाल का षड्‌यंत्र है। सरकार के समझौते में यह एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह एकतरफा कार्रवाई है। यह झूठी साबित होगी।

- करौली पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

- पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार फर्जी नाम से चुनाव लड़ने की शिकायत पर राज्य सरकार ने भरतपुर संभागीय आयुक्त से जांच करवाई थी।

जिस स्कूल से 8वीं पास, वह था ही नहीं

संभागीय आयुक्त ने जांच में पाया कि अभय ने कोटा के जिस स्कूल से वर्ष 1990-91 में कक्षा आठ पास होना बताया, तब वह स्कूल ही अस्तित्व में था नहीं।
असल नाम रघुवीर : जांच में सामने आया कि आरोपी का असली नाम रघुवीर है, लेकिन उसने दस्तावेजों में गड़बड़ी कर नाम अभय कर लिया।
वोटिंग लिस्ट में धांधली : एक ही निर्वाचक पहचान पत्र संख्या 528251 में अलग-अलग वर्ष में रघुवीर और अभय नाम दर्ज।

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