जयपुर

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प्रेमी से मिलने पर बेटी की हत्या कर जला दिया था, मां-बाप को उम्रकैद

हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए केरोसिन डाल लगा दी थी आग

Danik Bhaskar

Mar 14, 2018, 02:56 AM IST

सादुलपुर(राजस्थान). सिद्धमुख इलाके के तांबाखेड़ी गांव में करीब साढ़े आठ साल पहले ब्वॉयफ्रेंड से मिलने की बात को लेकर बेटी की गला घोंटकर हत्या कर देने वाले मां-बाप को एडीजे कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। माता-पिता ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की थी, क्योंकि हत्या के बाद उस पर केरोसिन डालकर जला दिया था और थाने में आत्महत्या करने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। लेकिन मौके पर मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने की पुष्टि के बाद तत्कालीन एसएचओ ने माता-पिता के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। इसी आधार पर माता-पिता के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया।

- एडीजे राजेश कुमार ने सबूतों के आधार पर छात्रा पूजा की मां राजबाला व पिता रामानंद को दंड संहिता की धारा 302 व 201 में दोषी मानकर आजीवन कठोर कारावास व 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। राज्य की तरफ से पैरवी अपर लोक अभियोजक अधिकारी बजरंगगिरी गोस्वामी ने की।

प्रेमी के साथ बाइक पर जाते हुए देख लिया था

- तांबाखेड़ी के रामानंद छिंपी की पूजा(17) सिद्धमुख के निजी स्कूल में कक्षा 12 वीं में पढ़ती थी। 5 नवंबर 2009 को स्कूल की छुट्‌टी होने के बाद वह अपने प्रेमी रेवासा, भिवानी (हरियाणा) के परमवीर के साथ बाइक पर अपने गांव तांबाखेड़ी जा रही थी। उस दिन परमवीर अपनी बहनों से मिलने के लिए सिद्धमुख आया था। दोनों में पहले से दोस्ती थी। परमवीर व पूजा भीमसाणा के बस स्टैंड पर रुक गए।

- इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने उन्हें बातचीत करते देख लिया और दोनों को पकड़ लिया। बाद में पूजा को तांबाखेड़ी गांव ले उसकी मां राजबाला व पिता रामानंद को संभला दिया। वहीं परमवीर को छोड़ दिया। इस बात को लेकर पूजा के माता-पिता आक्रोशित हो गए।

पिता ने आत्महत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी

- रामानंद ने थाने में रिपोर्ट दी थी कि उसकी बेटी ने अपने ऊपर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली। घर पहुंचकर देखा, तो उसकी बेटी की मौत हो चुकी थी। रिपोर्ट में उल्लेख किया कि उसकी बेटी ने शर्मसार होकर आत्महत्या कर ली।

मेडिकल रिपोर्ट में मामला हत्या का निकला

- पुलिस जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मामला हत्या का पाया गया। इस पर आरोपी पिता रामानंद व परिवार के अन्य जनों के खिलाफ मामला दर्ज कर रामानंद को गिरफ्तार कर लिया था।

प्रिया परिवार के नूनिया बंधुओं को 3-3 साल की सजा
- मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट झुंझुनूं ने प्रिया परिवार के एमडी तेजपाल सिंह व सुरेंद्र नूनिया को तीन साल की सजा सुनाई। मामले के अनुसार भड़ौंदा कलां के सुभाष चंद्र ने बगड़ थाने में 2014 में तेजपाल नूनिया व सुरेंद्र नूनिया के खिलाफ प्रिया होम स्टडी खोल कर कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर अधिक सदस्य बनाने पर कार, मोटर साइकिल व एक लाख रुपए देने का लालच देकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।

- पुलिस ने जांच के बाद तेजपाल सिंह सुरेंद्र सिंह के खिलाफ चालान पेश किया। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रमोद बंसल ने दोनों को तीन-तीन साल की साधारण सजा व पांच-पांच लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

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