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शराब पीकर आने पर भगा दिया था, परिचित के बेटे-बेटी की हत्या की; उम्रकैद

कोर्ट ने दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 05:28 AM IST

जयपुर. महानगर की एडीजे कोर्ट-2 ने आपसी रंजिश के चलते परिचित के नाबालिग बेटे-बेटी की चाकू घोंपकर हत्या करने वाले बिहार निवासी विजय सिंह को शुक्रवार को उम्रकैद और 2 लाख रु. जुर्माने की सजा दी है।

- मामले के अनुसार, मंजीत सिंह ने नाहरगढ़ थाने में 14 अगस्त 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह पत्नी के साथ सुबह काम पर गए थे। दोपहर करीब ढाई बजे घर लौटे तो उनका परिचित व अभियुक्त विजय उनके घर से निकल कर भाग रहा था।

- घर जाकर देखा तो 13 साल का बेटा शुभम और 11 साल की बेटी दीपशिखा को मृत पाया। दोनों बच्चों की चाकू घोंपकर हत्या की थी।

- पुलिस ने रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए विजय सिंह को गिरफ्तार किया और हत्या के अपराध में कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक मुकेश जोशी ने 17 गवाहों के बयान कराए और 46 दस्तावेज पेश किए।

- इनसे साबित हुआ कि अभियुक्त की परिवादी से रंजिश थी और इस कारण ही उसने बच्चों की हत्या की थी। कोर्ट ने अपराध साबित होने पर सजा सुनाई।

भाई को बचाने आई बहन को भी चाकू घोंपा
- परिवादी मंजीत सिंह व आरोपी विजय सिंह बिहार का रहने वाला है। मंजीत सिंह किराए का मकान लेकर नाहरगढ़ इलाके में रहता था और ऑटो चलाता था।

- मंजीत के पास ही विजय सिंह रहता था और मजदूरी करता था। विजय सिंह शराब पीने लगा तो मंजीत के परिवार के लोगों ने आपत्ति की। जिस पर मंजीत ने विजय को घर से बाहर निकाल दिया।

- इसको लेकर विजय रंजिश रखने लगा। 14 अगस्त 2012 को मौका देखकर विजय चाकू लेकर मंजीत के मकान में घुस गया। जहां शुभम व दीपशिखा थे।

- विजय ने शुभम पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। भाई पर हमला होते देख दीपशिखा पहले तो चिल्लाई फिर भाई को बचाने के लिए विजय का हाथ पकड़ लिया।

- इस दौरान विजय ने दीपशिखा पर भी चाकू से हमला कर दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बाद में मंजीत की रिपोर्ट पर पुलिस ने विजय को गिरफ्तार कर उसके कपड़ों की एफएसएल जांच करवाई तो दोनों भाई बहन का खून मिला। साथ ही चाकू पर विजय के हाथ के निशान मिले।