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जयपुर मेयर के खिलाफ लोकायुक्त ने जारी किया जमानती वारंट

18 जनवरी उपस्थित नहीं हुए तो गिरफ्तारी वारंट जारी होगा

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 05:28 AM IST

जयपुर. मेयर अशोक लाहोटी ने नगर निगम में बिना वर्किंग कमेटियों के एक साल पूरा कर लिया। बिना मंत्रिमंडल की शहर सरकार पर कई बार सवाल उठे। पक्ष-विपत्र के पार्षदों ने कमेटियां नहीं बनाने पर राज्य सरकार तक शिकायतें कीं। तिलक नगर में बिल्डिंग से जुड़ा एक मामला लोकायुक्त तक पहुंचा। शिकायत दी गई कि वर्किंग कमेटी न होने से उसका मसला हल नहीं हो रहा।

- इस मामले में लोकायुक्त ने दो बार मेयर पर जुर्माना लगाते हुए तलब किया...इसे भी मेयर ने नजरअंदाज कर दिया। अब लोकायुक्त ने सख्ती दिखाते हुए मेयर अशोक लाहोटी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

- हिदायत दी है कि 18 जनवरी को आकर बताएं कि कमेटी गठन के लिए क्या किया। इस तारीख को यदि मेयर लोकायुक्त के समक्ष पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो सकते हैं।

- खास बात यह कि अब तक लोकायुक्त की ओर से अफसरों को ही वारंट जारी किया जाता था, लेकिन जनप्रतिनिधि के तौर पर मेयर को तलब करने की शुरू हुई नई परंपरा से कयास लगाए जा रहे हैं कि भविष्य में मंत्रियों को भी तलब किया जा सकता है।

पिछले एक साल से बिल्डर के आवेदन का निस्तारण यह कहकर नहीं किया जा रहा कि नगर निगम में कमेटियां ही नहीं है।
करे कौन?

सूचना के अनुसार तिलक नगर के भूखंड संख्या सी-100 पर बिल्डर ने दो मंजिला भवन की स्वीकृति लेकर पांच मंजिला भवन का निर्माण कर रखा है। नगर निगम द्वारा नोटिस जारी करने पर बिल्डर ने उच्च न्यायालय में मामला दायर किया। न्यायालय ने निगम को आदेश दिया कि बिल्डर द्वारा नियमन आवेदन का निस्तारण 6 सप्ताह में किया जाए। जब तक इस संबंध में निर्णय नहीं हो तब तक बिल्डिंग को न तोड़ा जाए। कोर्ट ने यह निर्णय 6 फरवरी 2012 को जारी किया था। मामला टलते टलते पांच साल निकल गए।

दो नोटिस नजरअंदाज कर चुके लाहोटी

लोकायुक्त ने मेयर को 16 नवंबर 2017 को उपस्थित होने के लिए समन जारी किया था, लेकिन वह नहीं आए। इस पर लोकायुक्त ने उन्हें 8 दिसंबर 2017 को फिर समन जारी किया। पिछले नोटिस पर नहीं आने पर दो हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए कारण बताओ नोटिस भी दिया। फिर भी लाहोटी लोकायुक्त के समक्ष नहीं पहुंचे। अब लोकायुक्त ने लाहोटी काे 2000 रुपए का जमानती वारंट और 5000 रुपए जुर्माने का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही पूर्व का 2000 रुपए जुर्माने का नोटिस अनुपस्थिति के लिए जारी किया है। लोकायुक्त ने मेयर को 18 जनवरी 2018 को उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।

जवाब भेजा था, लोकायुक्त चाहते हैं तो हाजिर हो जाऊंगा : मेयर

तिलक नगर के जिस मामले में लोकायुक्त के यहां प्रकरण चल रहा है उसका विस्तृत जवाब मैंने लिखित में दे दिया था। वैसे यह मामला अफसरों से संबंधित था लेकिन यदि मेरे उपस्थित होने से ही लोकायुक्त के यहां प्रकरण में मामला खत्म होता है तो मैं उपस्थित हो जाऊंगा।

- अशोक लाहोटी, मेयर, जयपुर