--Advertisement--

ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण अगले सप्ताह, प्रभावित होगा फाल्गुन का मौसम

जयपुर में ढाई घंटे पड़ेगा ग्रहण, सूर्योदय के साथ ही लग जाएगा सूतक, खग्रास ग्रहण लगा चंद्रमा ही होगा उदय

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 05:40 AM IST

जयपुर. अगले सप्ताह बुधवार को वर्ष का पहला चंद्रग्रहण पड़ेगा। चंद्रमा के उदय के साथ ही खग्रास ग्रहण लगा होगा। इसीलिए इसे ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण कहा गया है। माघ के अंतिम दिन पड़ने वाले इस ग्रहण की वजह से फाल्गुन माह के पहले पखवाड़े का मौसम प्रभावित होगा। आम दिनों में फाल्गुन में हवा अच्छी महसूस होने लगती है, लेकिन ज्योतिषियों की माने तो इस बार फाल्गुन की शुरुआत हल्की बारिश व बादलों से होगी। और ऐसा ग्रस्तोदय चंद्रग्रहण की वजह से होने वाला है। जयपुर में चंद्रग्रहण करीब ढाई घंटे तक दिखाई देगा। इसका सूतक 31 तारीख बुधवार को सुबह 7.17 बजे सूर्योदय के साथ ही लग जाएगा। इस दिन जयपुर शहर में होली का डांडा भी रोपा जाएगा। अगला ग्रस्तोदय चंद्रग्रहण 4 साल 9 माह बाद वर्ष 2022 में पड़ेगा।


चंद्र ग्रहण बुधवार शाम 5.18 बजे शुरू होगा और रात 8.41 बजे तक रहेगा। बंशीधर जयपुर पंचांग के ज्योतिषाचार्य दामोदर शर्मा ने बताया कि यह खग्रास चंद्रग्रहण हैं, ग्रहण लगा चंद्रमा ही उदय होगा। इसलिए इसे ग्रस्तोदय चंद्र ग्रहण कहा गया है। जयपुर में 2 घंटे 37 मिनट तक चंद्रग्रहण दिखाई देगा। अगला ग्रस्तोदय चंद्रग्रहण 8 नवंबर 2022 में पड़ेगा। माघ माह के अंतिम दिन पूर्णिमा को ग्रहण के पड़ने से विद्वानों, माता-पिता के भक्तों व साधु संतों के लिए कष्ट कारक है। ग्रहण का प्रभाव अगले एक पखवाड़े तक रहता है। अगले दिन गुरुवार से फाल्गुन माह की शुरुआत होगी, इस दौरान बादल छाए रहेंगे और मौसम में सर्दी का प्रभाव रहेगा। ज्योतिषाचार्य पीतांबर प्रसाद शर्मा ने बताया कि चंद्र ग्रहण से सोना, चांदी व पीतल आदि धातुओं में वृद्धि होगी। इसी दिन जयपुर शहर में होली का डंडा भी रोपा जाएगा। जिससे मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।

किस राशि पर क्या प्रभाव
राष्ट्रीय काल दर्शन के अनुसार पुष्य नक्षत्र व अश्लेषा नक्षत्र में जन्में लोगों और कर्क राशि के जातकों को परेशानी देने वाला होगा। इसलिए उन्हें चंद्रग्रहण के दर्शन से बचना चाहिए। मेष के लिए रोग कारक, वृषभ को आर्थिक लाभ, मिथुन को खर्च, कर्क को शारीरिक नुकसान, सिंह को धन हानि, कन्या को लाभ, तुला को सुख समृद्धि, वृश्चिक को गुप्त चिंता, धनु को दुर्घटना का भय, मकर को दाम्पत्य जीवन में कष्ट कारक, कुंभ को कार्य सिद्धि व मीन को पीड़ा दायक रह सकता है।