--Advertisement--

14 दिसंबर से शुक्र अस्त, 6 फरवरी तक मांगलिक कार्य नहीं होंगे

सोमवती अमावस 18 को, सर्वार्थ सिद्ध व कुमार योग पर बनेंगे सभी कार्य

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 06:08 AM IST

जयपुर. इस साल वैवाहिक धूम धाम के आखिरी चरण की विदाई 5 दिन बाद हो जाएगी। अब नए साल के दूसरे माह यानी फरवरी में ही शहनाइयां सुनाई देंगी। इस बार मांगलिक कार्यों पर एक माह के बजाय डेढ़ माह से ज्यादा का ब्रेक लगने वाला है। कारण यह है कि धनु संक्रांति जो पांच दिन बाद लगने वाली है वह संक्रांति के बाद हट जाएगी, लेकिन शुक्र के अस्त रहने से वैवाहिक आयोजनों पर रोक लगी रहेगी। साथ ही पौष अमावस्या 18 दिसंबर को है, जो सोमवार के दिन आने से सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन कुमार योग व कुछ क्षण के लिए सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेगा। पुण्य व पितृ दोष की शांति के लिए भी यह दुर्लभ माना गया है।

पौष में आएगी सोमवती अमावस्या
सूर्य और चंद्र की युति सोमवार के दिन होने से सोमवती अमावस्या का योग घटित होता है। इस बार यह योग 18 दिसंबर को बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पीतांबर प्रसाद शर्मा ने बताया कि अमावस्या के दिन अमा नाम की किरण की प्रधानता रहती है। सोमवार को पूरे दिन कुमार योग रहेगा और तड़के 7.13 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग होगा। ऐसे में स्नान दान करने से अक्षय पुण्य फल मिलेगा। सालों बाद पौष अमावस्या सोमवार के दिन आई है, इसलिए पौष अमावस्या के साथ सोमवती का सहयोग बनने से यह दिन खास बना है। अमावस्या पर योग संयोग के कारण इस दिन पूजा, पाठ, स्नान दान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

इस बार 20 दिन ज्यादा रहेगी शुभ कार्यों पर रोक
बंशीधर जयपुर पंचांग के ज्योतिषाचार्य दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि 15 दिसंबर को धनु मलमास शुरू हो जाएगा। हर बार धनु मलमास के साथ ही मांगलिक कार्य वर्जित हो जाते हैं और 14 जनवरी मकर संक्रांति को मलमास की समाप्ति के बाद फिर से शुरू होते हैं। लेकिन इस बाद शुक्र ग्रह के अस्त होने से वैवाहिक आयोजनों पर एक माह की बजाए एक माह बीस दिन की रोक रहेगी। शुक्र ग्रह अस्त होने से तीन दिन पहले 14 दिसंबर को वृद्ध त्व दोष शुरू हो जाएगा, इसी दिन से मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी। शुक्र ग्रह तीन फरवरी तक अस्त रहेगा लेकिन इसका असर 6 फरवरी को सुबह साढ़े 7 बजे तक रहेगा।