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SMS अस्पताल में लगाई मीडिया पर पाबंदी, मंत्री की फटकार के बाद आदेश लिया वापस

अस्पताल को शर्मसार करने वाली घटनाएं मीडिया में छाईं तो निकाला आदेश, कॉलेज प्रिंसिपल ने आदेश बदला

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2018, 06:03 AM IST
media ban on SMS hospital

जयपुर. एसएमएस अस्पताल की मीडिया में उजागर हो रही खामियों के बाद अस्पताल अधीक्षक डा डीएस मीणा ने अस्पताल में मीडिया कवरेज प्रवेश पर रोक लगा दी। रोक लगाने का आदेश अधीक्षक ने 12 फरवरी को जारी किया था, लेकिन गुरुवार को यह आदेश सोश्यल मीडिया पर छाया रहा। आदेश अस्पताल के विभागाध्यक्ष, इकाई, प्रभारी और प्रशासनिक अधिकारियों को जारी किया गया था।

इसमें लिखा हुआ है कि अस्पताल में किसी भी मीडिया कर्मियों को कवरेज के लिए प्रवेश नहीं दिया जाएगा। आदेश जैसे ही सोश्यल मीडिया पर आया तो मामला चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ तक पहुंच गया। सराफ ने विधानसभा के बीच में उठ कर अस्पताल अधीक्षक डा डीएस मीणा को फटकार लगाई। आदेश को तुरंत वापस लेने के निर्देश दिए।

अधीक्षक के आदेश पर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ यूएस अग्रवाल ने पलटवार किया है। अग्रवाल का कहना है कि मीडिया में खामियां उजागर होने पर अस्पताल प्रशासन को सीख लेनी चाहिए। अस्पताल को व्यवस्था में सुधार करना चाहिए। यूं प्रतिबंध लगाने से नेगेटिव घटनाओं को नहीं रोका जा सकता।

2 माह में अस्पताल में शर्मनाक घटनाएं
- अस्पताल में 2 महीने में 5 शर्मनाक घटना हो चुकी हैं। इन घटनाओं के बाद भी अस्पताल प्रशासन सुधार करने की अपेक्षा मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी।

- अस्पताल में 19 जनवरी को ओपीडी में एक नवजात लावारिस मिली। कैमरे खराब होने से नवजात को छोड़ने वाला का सुराग तक नहीं लगा।
- 5 फरवरी को अस्पताल के 72 नंबर काउंटर पर लपका नर्सिंगकर्मी के वेश में घुसा और पकड़ा गया।
- 6 फरवरी को इमरजेंसी के अंदर लगे ऑक्सीजन में नोजल नहीं होने से मरीज की मौत हो गई। यह मामला स्टाफ के रेजीडेंट डॉक्टर ने ही उठाया था।
-9 फरवरी को अस्पताल के मुख्य द्वार पर 2 घंटे तक लावारिस शव पड़ा रहा है। इसी दिन अस्पताल में स्ट्रेक्चर देने के लिए मरीज के परिजनों का मोबाइल गिरवी रखा लिया था।

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