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राजस्थान में नए हथियार लाइसेंस जारी करने पर लगी अस्थाई रोक हटी

10 हजार से अधिक लोगों के आवेदन डेढ़ साल से अटके हुए थे

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 05:12 AM IST

जयपुर. पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ सहित पैरा मिलिट्री फोर्स के हथियार ट्रेनिंग सेंटर से प्राप्त सर्टिफिकेट से आम लोगों को नए आर्म्स लाइसेंस जारी किए जा सकेंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही नए हथियार लाइसेंस जारी करने पर प्रदेश में पिछले करीब डेढ़ साल लगी अस्थाई रोक हट गई है। इसका फायदा 10 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा, जिनके आवेदन अटके पड़े थे।नए आर्म्स रूल्स में केंद्र सरकार ने हथियार लाइसेंस के लिए ट्रेनिंग एवं सर्टिफिकेट की अनिवार्यता तो लागू कर दी। लेकिन, ट्रेनिंग सेंटर खोले ही नहीं। इस वजह से हथियार लाइसेंस जारी करने पर एक तरह से रोक लगी हुई थी।

- गृह विभाग के अनुसार मुख्य सचिव ने पिछले दिनों केंद्रीय गृह मंत्रालय से हथियार लाइसेंस जारी करने में सरकार को आ रही दिक्कतों का हवाला दिया।

- इस पर गृह मंत्रालय ने पुलिस एवं पैरा मिलिट्री फोर्स के ट्रेनिंग सेंटर्स को सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार दे दिया है।

- गृह विभाग ने इस संबंध में कलेक्टर एवं एसपी को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। उन लोगों के अच्छी खबर है जो हथियार खरीदना चाहते हैं। गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार शुरू-शुरू में भीड़ पड़ने से परेशानी आ सकती है।

इसलिए, अटके हथियारों के लाइसेंस

केंद्र सरकार ने 15 जुलाई, 2016 को नए आर्म्स रुल्स जारी किए थे। इसमें राज्य स्तरीय हथियार लाइसेंस जारी करने का अधिकार कलेक्टर को दे दिया गया। रुल्स में नई शर्त जोड़ी गई है कि हथियार लाइसेंस उन्हीं को मिलेगा जिनको हथियार सुरक्षित रखना एवं चलाना आता हो। ताकि, हथियार के रख-रखाव की जानकारी के अभाव में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। सरकार की मंशा के अनुसार इसके लिए लाइसेंसधारी को आवेदन से पहले एक सर्टिफिकेट लेना होगा। जो केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान ही देंगे। लेकिन, डेढ़ साल में प्रदेश में एक भी ऐसा संस्थान नहीं खुला।

नई पुलिस देगी सर्टिफिकेट

पैरा मिलिट्री फोर्स एवं पुलिस के आर्मर यह ट्रेनिंग दे सकेंगे। इसके लिए हथियार लाइसेंस आवेदन को संबंधित एसपी ऑफिस अथवा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर या फिर पुलिस लाइन में ट्रेनिंग के लिए आवेदन करना होगा। सुविधा अनुसार आर्मर आवेदकों को हथियार चलाने के साथ रखने की ट्रेनिंग देंगे। ट्रेनिंग में पास होने वालों को सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। कलेक्टर कार्यालय में हथियार लाइसेंस के आवेदन जमा कराने के साथ यह सर्टिफिकेट लगाना होगा। अन्यथा आवेदन पर विचार ही नहीं होगा।