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ट्रांसफर के बाद सरकारी एसी और साेफा ले गए अफसर, बोले- मेरे पास नो ड्यूज

जांच के बाद विभाग ने चार्जशीट के लिए कार्मिक विभाग को भेजा प्रस्ताव, केसी मीणा बोले- मेरे पास नो ड्यूज

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 03:43 AM IST

जयपुर. झालावाड़ से भरतपुर स्थानांतरित किए गए राजस्थान वन सेवा के एक अफसर केसी मीणा का दिलचस्प मामला सामने आया है। तबादले के बाद मीणा सरकारी आवास पर इस्तेमाल किए जाने वाले सोफा, डबल बेड, आलमारी, आरओ, पर्दे, एसी सहित अन्य तमाम घरेलू समान भी साथ लेते गए। उन्होंने स्टोर में सरकारी समान को जमा नहीं कराया। मामला प्रकाश में आने के बाद मामले की जांच कराई गई।


वन विभाग ने मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से स्वीकृति के बाद मीणा को चार्जशीट देने के लिए दो दिन पहले ही कार्मिक विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। मीणा का 2014 में ही स्थानांतरण हुआ था। मामला सामने आने पर विभाग ने समान जमा कराने के लिए मीणा को पत्र भेजा। उसके बाद मीणा ने सुध नहीं ली। विभाग ने एक के बाद एक कई पत्र भेजे, जिसके बाद कुछ समान एक साल बाद जमा करा दिया, जबकि कुछ सामान आज भी उनके पास है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मीणा डेढ़ से दो लाख का सामान अपने साथ लेकर चले गए थे। जबकि नियम में ऐसा प्रावधान नहीं है। सरकारी अधिकारी या कर्मचारी राजकीय कोष से खरीदा गया समान लेकर अपने साथ नहीं जा सकता।

सामान के मामले में मुझ से लिखित में पूछा गया था, जिसका जवाब मैंने दे दिया है। मेरे पास आज की तिथि में कोई सामान नहीं है। विभाग के नो ड्यूज मेरे पास है। इसके बावजूद यदि मुझे चार्जशीट देने की सिफारिश की गई तो वह पूरी तरह गलत है। उच्च स्तर पर पूरे साक्ष्य रखूंगा।

-केसी मीणा, आरएफएस

यह रिकाॅर्ड पर है कि केसी मीणा तबादले के बाद लाखों रुपये का समान लेकर चले गए थे। सामान जमा कराने के लिए कई बार पत्र भेजे गए। जमा न कराने के कारण ही उन्हें चार्जशीट देने के लिए सरकार से सिफारिश की गई है।

-एसके जैन, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक