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281 में से 116 अफसरों की जांच, 11 को फ्लू, 165 को बिना जांच घर भेजा

ओटीएस में स्वाइन फ्लू | चिकित्सा विभाग की लापरवाही से आठ और अफसर मरीज बने

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 04:41 AM IST

जयपुर. चिकित्सा विभाग की लापरवाही से ओटीएस (ऑफिसर ट्रेनिंग स्कूल) स्वाइन फ्लू का केंद्र बन गया। यहां एक के बाद एक 11 अफसर इस बीमारी से घिर गए। इसके बावजूद चिकित्सा विभाग ने 281 अफसरों में से सिर्फ 116 की जांच कराई। अब ओटीएस प्रशासन ने यहां छुट्‌टी घोषित कर हॉस्टल खाली करा लिया। लेकिन चिकित्सा विभाग ने मर्ज को बढ़ने की राह खुली छोड़ दी। आशंका है कि जिन 165 अफसरों की जांच नहीं की, उनमें से अगर कोई भी पॉजिटिव हुआ तो वह जहां जाएगा, संक्रमण फैलेगा ही।


विभाग की लापरवाही की शुरुआत 12 दिसंबर से हो गई थी। ओटीएस की महिलाकर्मी की स्वाइन फ्लू से मौत के बाद न स्क्रीनिंग की गई न टेमी फ्लू बांटी गई। नतीजा 14 दिसंबर को एक ट्रेनी अफसर स्वाइन फ्लू से पीड़ित मिले। सूचना देने के बावजूद चिकित्सा विभाग मौके पर नहीं गया। 16 दिसंबर को दो और अफसर मरीज बन गए। विभाग चुप बैठा रहा। भास्कर ने खबर प्रकाशित की तो 19 दिसंबर को टीम भेजी। मंगलवार को 116 अफसरों के सैंपल लेकर स्क्रीनिंग कराई। एसएमएस अस्पताल एवं स्वाइन फ्लू हैड डॉ. सीएल नवल ने बताया कि बुधवार को 8 और अफसर स्वाइन फ्लू से पीड़ित मिले।

दूसरी गलती : मास्क देने और दवा बांटने से ही कर दिया इनकार
ओटीएस प्रशासन ने 18 दिसंबर को जयपुरिया अस्पताल अधीक्षक को मास्क व टेमी फ्लू बांटने के लिए पत्र लिखा। अधीक्षक डॉ रेखा सिंह ने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह काम हमारा नहीं है, सीएमएचओ से मिलो। डॉ. रेखा ने कहा- हां सीएमएचओ के पास जाने को बोला था।

पहली गलती : एक मौत, 3 अफसर पीड़ित, 7 दिन मौन रहा विभाग
12 दिसंबर को ओटीएस की महिला कर्मचारी की स्वाइन फ्लू से मौत हुई। लेकिन चिकित्सा विभाग शांत बैठा रहा। न यहां टेमी फ्लू बांटी, न स्क्रीनिंग कराई। इसके बाद 14 दिसंबर को एक तथा 16 दिसंबर को दो और अफसरों को स्वाइन फ्लू हुआ। फिर भी विभाग सतर्क नहीं हुआ। भास्कर ने 19 दिसंबर को खबर छापी तो मौके पर टीम भेजी।

तीसरी गलती : बिना जांच अफसरों को घर भेजा, यानी खतरा बरकरार
ओटीएस में राजस्थान प्रशासनिक एवं अधनीस्थ सेवा के करीब 281 अफसर ट्रेनिंग ले रहे थे। इनमें से 116 अफसरों की ही चिकित्सा विभाग ने जांच कराई। बाकी को बिना जांच के ही यह कहते हुए स्वस्थ होने की हरी झंडी दे दी कि उनमें स्वाइन फ्लू के सिम्टम्प्स ही नहीं हैं।

पीड़ितों में एक आरएएस, एक आईपीएस अफसर
1 आरएएस, 1 डीटीओ, 2 अकाउंट ऑफिसर, 1 आरपीएस, बाकी अफसर अन्य अधीनस्थ सेवाओं के।

सीएमएचओ बोले- सिमटम्प्स नहीं दिखे तो अफसरों के सैंपल लेकर भी क्या करते
सभी के सैंपल नहीं लेने के सवाल पर सीएमएचओ नरोत्तम शर्मा ने कहा- जिनमें स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखे, उन्हीं के सैंपल लिए। जिनमें सिमटम्प्स नहीं दिखे उनके सैंपल क्यों लेते?