--Advertisement--

पद्मावत फिल्म से बचेंगे थियेटर, सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार

पद्मावत विवाद: करणी सेना ने चेताया- फिल्म रिलीज हुई तो लगेगा जनता कर्फ्यू

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 04:51 AM IST
पद्मावत की रिलीज आसान नहीं पद्मावत की रिलीज आसान नहीं

जयपुर/अहमदाबाद. फिल्म पद्मावत को लेकर प्रदेश में शनिवार को चार सीन बने। पहला विरोध का तो दूसरा न्योते, तीसरा समझौते और चौथा संशय का रहा। करणी सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अगर प्रदेश में यह फिल्म रिलीज हुई तो जनता कर्फ्यू लगेगा। जौहर की चेतावनी भी दी गई। गणतंत्र दिवस को देखते हुए भारत बंद नहीं किया जाएगा।

- इस बीच, फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली ने करणी सेना सहित अन्य राजपूत संगठनों को फिल्म देखने का न्योता भेजा।
- उधर, गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने करणी सेना के पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया। फिल्म पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र से बात करने का आश्वासन दिया। सरकार इस फिल्म पर लगाए गए बैन को हटाने के लिए याचिका लगाएगी।

- गृहमंत्री ने सरकार के साथ राजपूत संगठनों से भी बैन हटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने को कहा।
- उल्लेखनीय है कि राजपूत समाज के विरोध के बाद राजस्थान सहित चार राज्यों ने इस फिल्म को अपने यहां बैन कर दिया था।

- तीन दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस फिल्म को राजस्थान सहित पूरे देश में रिलीज करने के आदेश दिए।

#पद्मावत के पर्दे पर आने से पहले प्रदेश में 4 सीन


रिलीज आसान नहीं
- राजस्थान में फिल्म का प्रदर्शन आसान नहीं लग रहा। विरोध के बीच सिनेमाहॉल मालिक इसके प्रदर्शन को लेकर रिस्क नहीं लेंगे।

- अधिकांश सिनेमा मालिकों व मैनेजर्स का कहना है कि पद्मावत की जगह कोई अन्य मूवी ली जाएगी।

संशय इसलिए

अभी तक किसी ने फिल्म को परचेज नहीं किया। पद्मावत को लेकर सिनेमाहॉलों का अभी तक कोई शेड्‌यूल भी नहीं है।

गुजरात में फिल्म रिलीज नहीं करने पर माने थिएटर

पद्मावत फिल्म को लेकर गुजरात के गांधीनगर और महेसाणा में शनिवार को दो सरकारी बसों में तोड़फोड़ की तथा इन्हें जलाने का प्रयास भी किया। अहमदाबाद, वड़ोदरा, राजकोट और मोरबी में मल्टीप्लैक्स थिएटर संचालकों ने फिल्म रिलीज न करने का निर्णय लिया है।

सीन एक : न्योता, भंसाली ने भेजा फिल्म देखने का पत्र सीन एक : न्योता, भंसाली ने भेजा फिल्म देखने का पत्र

सीन एक : न्योता
1. भंसाली ने भेजा फिल्म देखने का पत्र

- भंसाली प्रोडक्शन ने करणी सेना के अलावा राजपूत सभा भवन को फिल्म देखने के लिए आमंत्रित करने वाला पत्र भेजा।

- उन्होंने कहा-फिल्म में राजपूतों व पद्मावती की गौरव गाथा है। प्रिव्यू देखने के बाद रिलीज करने में सहयोग करें।

 

 इसलिए ठुकराया : करणी

- सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह ने कहा- पत्र में यह नहीं है कि फिल्म कब दिखाएंगे, किसी सीन पर आपत्ति हुई तो वह हटेगा या नहीं।

- राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष महिपाल सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ पत्र की प्रतियां जलाईं, प्रदर्शन किया।

- श्री राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा ने पत्र का जवाब भंसाली को भेजा। कहा-छह विशेषज्ञों को फिल्म देखने के लिए भेजेंगे।

- क्या वे गारंटी देंगे कि ये लोग फिल्म में कोई बदलाव सुझाते हैं तो उन्हें मानेंगे।

सीन तीन : विरोध, जौहर को तैयार 1908 क्षत्राणियां सीन तीन : विरोध, जौहर को तैयार 1908 क्षत्राणियां

सीन तीन : विरोध
 कालवी ने कहा कि सिनेमाघर एसोसिएशन से बात करेंगे। इसके बावजूद रिलीज होती है तो जौहर होगा। 1908 क्षत्राणियां रजिस्ट्रेशन करा चुकी हैं। करणी सेना ने चेताया-अगर कोई सिनेमाघर फिल्म को प्रदर्शित करता है तो वे तय कर लें दिवाली मनाएंगे या लंका जलवाएंगे।
चेतावनी दी : जेएलएफ में प्रसून जोशी के आने पर विरोध करेंगे।

सीन दो : समझौता, गृहमंत्री ने राजपूतों को बुलाया सीन दो : समझौता, गृहमंत्री ने राजपूतों को बुलाया

- गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने करणी सेना को वार्ता के लिए बुलाया। राजपूतों ने केंद्र के दखल की मांग की।

- गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि वे केंद्र सरकार से बात करेंगे। उदयपुर पूर्व राजघराने के अरविंद सिंह से भी सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर करने के लिए बात करेंगे। क्योंकि इनके पार्टी बनने से सरकार की अपील को भी ताकत मिलेगी। 


विश्वास दिलाया भी, जताया भी : कालवी ने विश्वास जताया- केंद्र सरकार इसे बैन करेगी। गृहमंत्री बोले- अपील के लिए एएजी नियुक्त हो चुके। सोमवार या मंगलवार को पिटीशन दायर होगी।