--Advertisement--

राजस्थान सहित 4 राज्यों में बैन हटाया, पूरे देश में रिलीज होगी फिल्म पद्मावत

सुप्रीम कोर्ट का फैसला | कानून-व्यवस्था कायम रखना राज्यों का दायित्व

Danik Bhaskar | Jan 19, 2018, 05:12 AM IST

नई दिल्ली/जयपुर. संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म पद्मावत पूरे देश में रिलीज होगी। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सहित भाजपा शासित चार राज्यों में फिल्म पर लगाए गए प्रतिबंध पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने किसी भी राज्य को फिल्म पर रोक लगाने से रोक दिया है। बेंच ने अंतरिम आदेश में कहा कि कानून-व्यवस्था कायम रखना राज्यों का दायित्व है।

- चीफ जस्टिस ने कहा, ‘फिल्म का प्रदर्शन जिस तरीके से रोका गया, उसने मेरे संवैधानिक विवेक को झकझोर दिया है। पूरी समस्या यही है।’ इस मामले में अगली सुनवाई मार्च में होगी। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद जहां राज्य कोई रास्ता निकालने की बात कर रहे हैं, वहीं करणी सेना पुराने रुख पर कायम है।

- राजपूत करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी ने सामाजिक संगठनों से अपील की कि पद्मावत नहीं चलनी चाहिए। जनता सिनेमाघरों पर कर्फ्यू लगा दे। सिनेमाघरों को फूंकने की चेतावनी भी दी गई है। उल्लेखनीय है कि गुजरात, राजस्थान, हरियाणा और मध्यप्रदेश सरकार ने फिल्म पर रोक लगा दी थी। इसे पद्मावत के निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

प्रदेश में फिल्म बन रही थी तो सैट तोड़ा, निर्माता को थप्पड़, फिर ट्रेलर दिखाया तो सिनेमाघरों में तोड़फोड़, अब रिलीज होगी तो क्या होगा?

सरकार : विधि विभाग से राय लेकर रास्ता निकालेंगे
राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पहले पढ़ेंगे और फिर विधि विभाग की राय लेकर कोई रास्ता निकालेंगे। राज्य सरकार ने कहा-क्षत्रिय एवं अन्य समाज के सौहार्द्र को बरकरार रखा जाएगा और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का परीक्षण कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


समाज : राष्ट्रपति से मिलेंगे, फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे
श्रीराजपूत करणी सेना के प्रदेश महासचिव विश्वबंधुसिंह ने कहा-यदि फिल्म रिलीज हुई तो जनता द्वारा कर्फ्यू लगेगा। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति से मिलेंगे। फिल्म रिलीज नहीं होने देंगे। राजपूत सभा भवन अध्यक्ष गिर्राज सिंह ने कहा-पहले फैसला पढ़ेंगे, फिर रणनीति बनाएंगे।


सिनेमाघर : मुंबई मुख्यालय के आदेश पर लेंगे फैसला
उदयपुर के सिनेमाहॉल संचालक बोले- फिल्म प्रदर्शन का फैसला मुंबई मुख्यालय के आदेश अनुसार लेंगे। सेंट्रल सर्किट सिने एसोसिएशन की कोआर्डिनेशन कमेटी के प्रदेश चेयरमैन सत्यवान पारीक ने कहा-बैठक कर सिनेमा मालिकों की भी राय लेंगे। सेंट्रल बॉडी को राय भेजेंगे। फिर फिल्म प्रदर्शन की स्थिति देखेंगे।

#सुप्रीम कोर्ट लाइव: फैसला देते समय चीफ जस्टिस बोले- जिस तरीके से पद्मावत का प्रदर्शन रोका गया, उसने मेरे संवैधानिक विवेक को झकझोर दिया है

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने सुनवाई की। फिल्म निर्माताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे एवं मुकुल रोहतगी ने और राज्यों की ओर से एएसजी तुषार मेहता ने दलीलें रखीं। पढ़िए सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही लाइव...

साल्वे : राज्यों के पास फिल्म पर रोक लगाने का हक नहीं। सेंसर बोर्ड रिलीज का प्रमाण-पत्र दे चुका। प्रदर्शन रोकना संघीय ढांचे का उल्लंघन है।
मेहता : गुजरात व राजस्थान में कानून-व्यवस्था की समस्या की खुफिया रिपोर्ट है। तथ्यों से छेड़छाड़ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में शामिल नहीं।
साल्वे : राज्य यह नहीं कह सकते कि सियासी दायित्व के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग की मंजूरी नहीं देंगे। डिसक्लेमर में साफ है कि फिल्म की कहानी काल्पनिक है। एक दिन चाहूंगा कि इस बात पर दलील दूं कि कलाकारों को इतिहास से छेड़छाड़ का हक होना चाहिए।
मेहता : ऐसा नहीं हो सकता। आप महात्मा गांधी को व्हिस्की पीते नहीं दिखा सकते।
साल्वे : लेकिन ये इतिहास से छेड़छाड़ नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट : थियेटर व सिनेमा जैसी रचनात्मक सामग्री संविधान के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अविभाज्य पहलू है।