सरकार और नेता पत्रों पर उपाध्याय का फोटो लगाकर सम्मान देंगे : कटारिया / सरकार और नेता पत्रों पर उपाध्याय का फोटो लगाकर सम्मान देंगे : कटारिया

अशोक स्तंभ के बराबर उपाध्याय की फोटो को लगाना अलोकतांत्रिक : कांग्रेस

Bhaksar News

Dec 08, 2017, 04:57 AM IST
pandit deen dayal upadhyay photo on  rajasthan govt letterhead

जयपुर. पंडित दीनदयाल उपाध्याय को सरकार द्वारा अपने लेटरहैड, शासकीय-अर्द्ध शासकीय पत्रों पर अशोक स्तंभ के बराबर लगाने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। सरकार 13 दिसंबर से हर सरकारी पत्र, दस्तावेज, स्टेशनरी पर पंडित उपाध्या0.य का लोगो लगाने जा रही है। इसे लेकर कांग्रेस और अन्य पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ का अपमान है। अलोकतांत्रिक कदम है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा इसे पार्टी द्वारा उपाध्याय का सम्मान बता रही है और इसे दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष कमेटी के स्तर पर लिया फैसला बताकर सरकार का बचाव कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर में गुरुवार को मुख पृष्ठ पर सरकारी पत्रों में अशोक स्तंभ के साथ अब पंडित दीनदयाल भी शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था। इसके बाद कई तरह के फोन आए। लेकिन कांग्रेस ने मुखर होकर इसका विरोध किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि भाजपा पंडित उपाध्याय को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का दर्जा देना चाहती है। ऐसा कर भाजपा देश के राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ का महत्व कम करने की साजिश रची जा रही है। नेशनल ऑनर्स एक्ट राष्ट्रीय प्रतीक चिह्नों के सम्मान के संबंध में समस्त प्रावधानों में स्पष्ट है कि इनका इस्तेमाल कैसे करना है। अशोक स्तंभ कहां और कैसे अंकित करना है। एक सूची भी इस संदर्भ में जारी है जो शासकीय पदों पर स्थापित विभूतियों को अशोक स्तंभ को उनके कार्यालयों वाहनों पर अंकित करने की अनुमति देती है। भाजपा स्पष्ट करे कि क्या सरकार का यह फैसला नैतिक रूप से सही है।

कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ने भाजपा से जवाब मांगा है कि पहले सरकार यह स्पष्ट करे कि उपाध्याय का स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में क्या योगदान था? साथ ही भाजपा यह भी जनता के बीच खुलासा करे कि वह दीनदयाल को अशोक महान के समकक्ष मानती है। पंडित दीनदयाल को जबरन महापुरुष बनाने की यह सोच केवल व्यक्ति पूजा का उदाहरण है। यह राष्ट्रीय चिह्न का अपमान और असंवैधानिक है। कांग्रेस दीनदयाल का लोगो लगाने की हरकत को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।

दूसरी तरफ गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सरकारी पत्रों पर फोटोयुक्त लोगो लगाकर सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय का सम्मान कर रही है। उपाध्याय ने जो कार्य किए हैं उसका सम्मान कर रहे हैं। कांग्रेस का काम ही विरोध करना है। कभी भगवाकरण का आरोप लगाती है। कांग्रेस और विरोध करने वाले लोगों को समय हो तो पहले पं. दीनदयाल को पढ़ना चाहिए कि वे कितनी विपरीत परिस्थितियों में आईएएस बने और नौकरी छोड़कर समाजसेवा से जुड़े। दीनदयाल जन्म शताब्दी वर्ष चल रहा है। सरकार और विधायकों ने तय किया है कि सरकार के पत्रों के साथ जितने विधायक हैं वे पत्रों मे दीनदयाल के फोटो का उपयोग करेंगे।

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