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भटककर 30 किमी दूर खेतों में पहुंचा पैंथर, रेस्क्यू कर रामगढ़ छोड़ा

करीब 3-4 साल के मजबूत कद-काठी वाले पैंथर को जू में लाने के बजाए रामगढ़ के जंगल में छोड़ा गया।

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 08:01 AM IST
panther rescue in nahargarh near jaipur

जयपुर/जालसू. मंगलवार को चौमूं के पास जालसू स्थित बरना गांव के खेतों और फिर एक मकान में दुबके पैंथर ने हजारों लोगों में कौतूहल पैदा कर दिया। पहली बार पैंथर देखने के लिए लोगों की तादाद बढ़ती गई। हंगामा और शोर-शराबा बढ़ता देख चौमूं-कालाडेरा से दो थानों की पुलिस स्थानीय विधायक नवीन पिलानियां और इसी बीच वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शुक्र यह रहा कि पैंथर ने किसी को हताहत किया और ही पैंथर को किसी ने।

- एसीएफ मनफूल विश्नोई के नेतृत्व में ट्रंकुलाइज एक्सपर्ट डॉ. अरविंद माथुर ने खिड़की से निशाना साधकर पैंथर को कब्जे में लिया। करीब 3-4 साल के मजबूत कद-काठी वाले पैंथर को जू में लाने के बजाए रामगढ़ के जंगल में छोड़ा गया।

- विश्नोई ने बताया कि करीब 10 किमी एरिया में आसपास कोई ऐसा जंगल नहीं, जहां पैंथर को देखा गया हो।

- दरअसल यह पैंथर नाहरगढ़ बीड़ पापड़ एरिया से निकल, हाईवे क्रॉस करता हुआ नींदड़ बैनाड़ का पहाड़ पार करते हुए दादर के पहाड़ के आगे भटकता हुआ बरना पहुंचा। यह करीब 30 किमी है। लेकिन यहां तक पैंथर कैसे निकला? इसका कारण विश्नोई ने भोजन-पानी की तलाश बताई।

- दरअसल नाहरगढ़ में पैंथर की सर्वाइवल काफी कम हो रहा है। भोजन प्रेबेस कम से और कम होता जा रहा है। ‘ह्मयूमन डिस्टरबेंस’ काफी है, सेंचुरी के कायदे लागू करने में वन विभाग फेल रहा है।

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