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राशन के लिए जाते हैं 10 Km दूर जंगल में, पेड़ पर चढ़कर लगाना पड़ता है अंगूठा

POS मशीन में नेटवर्क नहीं आने से फॉरेस्ट एरिया के लोगों को करनी पड़ रही है मशक्कत, राशन डीलर भी परेशान

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 02:12 AM IST

करणपुर/जयपुर. सड़क के किनारे जंगल में राशन डीलर की दुकान चलती है और राशन लेने के लिए कंज्यूमर अपनी जान की बाजी लगाकर पेड़ पर चढ़कर पोस मशीन में अंगूठा लगाते हैं। गौरतलब है कि सरकार हर जगह डिजिटल इंडिया केशलैस करने की बात कर रही है,लेकिन यहां राशन के लिए पेड़ की ऊंचाई मापनी पड़ रही है।

- राशन वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पोस मशीनों से वितरण भले ही शुरू कर दी हो, लेकिन करणपुर डांग क्षेत्र के निभेरा गांव मे राशन डीलर को नेटवर्क की असुविधा पोस मशीन के लिए मुसीबत बनी हुई है। जिससे निभेरा ग्राम पंचायत के उपभोक्ता पोस मशीन में अंगूठा लगाने के लिए गांव से करीब 10 किमी दूर मरमदा की घाटी के ऊपर जंगल में जाना पड़ता है।

#मजबूरी

- डीलर ट्रैक्टर में ले जाता है राशन, वहीं चलती है दुकान राशन डीलर 10 किमी दूर मरमदा की घाटी के ऊपर जंगल में अपनी राशन सामग्री को ट्रैक्टर में भरकर ले जाता है और वहीं अपनी दुकान को दिनभर चलाता है, जहां राशन लेने के लिए उपभोक्ताओं भीड़ मच जाती है।

- इस दौरान जंगल में भी नेटवर्क नहीं आता है तो पेड़ और ट्रैक्टर पर चढ़कर पोश मशीन में अंगूठा लगानापड़ता है। इसके बाद राशन मिलता है।

पोस मशीन से ही राशन सामग्री वितरण की जाती है। नेटवर्क की समस्या है और ट्रैक्टर में ही राशन सामग्री भरकर जंगल में ले जाकर वितरण करनी पड़ती है।
- कृष्ण अवतार शर्मा, राशन डीलर, निभेरा

केंद्रीय मंत्री ने भी पेड़ पर चढ़ अफसरों को दिए ऑर्डर

- इससे पहले केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल राजस्थान दौरे पर मोबाइल नेटवर्क की परेशानी से जूझते दिखे थे। अपने संसदीय क्षेत्र बीकानेर के एक गांव में पहुंचे तो लोगों ने परेशानियां गिनाईं। जब मेघवाल ने जिम्मेदार अफसरों से बात करनी चाही तो मोबाइल में नेटवर्क नहीं मिला।
- गांववालों की सलाह पर फोन मिलाने के लिए पेड़ से टिकी एक सीढ़ी पर चढ़ गए थे। किसी तरह नेटवर्क मिला और फिर अफसरों को जरूरी ऑर्डर दिए। घटना का वीडियो वायरल हो रहा है।

- वित्त राज्यमंत्री मेघवाल शहर से महज 12 किलोमीटर दूर धोलिया गांव पहुंचे थे। लोगों ने बताया कि जिम्मेदार अफसर परेशानियां दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाते थे।

- नेटवर्क नहीं मिलने पर गांववालों ने मंत्री को आइडिया दिया- अगर आप पेड़ पर चढ़ जाएं तो बात हो सकती है। यहां ऐसी ही बात करनी पड़ती है। मेघवाल सीढ़ी के सहारे पेड़ पर चढ़े और अफसरों से बात की।

#राजस्थान के कई गांवों में नेटवर्क प्रॉब्लम
- मेघवाल ने 13 लाख रु. की लागत से बीएसएनएल और बाकी कंपनियों के टाॅवर्स लगावाने का भरोसा दिया। इलाके में फ्लोराइड मिले पानी की परेशानी से निपटने के लिए RO प्लान लगाने का एलान भी किया।