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घरों में नौकर बन और मजदूरी कर पकड़े 200 अपराधी, ऐसे हैं ये स्पेशल Cop

पुलिस महकमे में फरार अपराधियों को पकड़ना सिरदर्द हो रहा था।

Dainik Bhaskar

Dec 29, 2017, 03:19 PM IST
राजस्थान पुलिस में हैं कंवरपाल सिंह राठौड़। राजस्थान पुलिस में हैं कंवरपाल सिंह राठौड़।

श्रीगंगानगर. पुलिस महकमे में फरार अपराधियों को पकड़ना सिरदर्द हो रहा था। लगातार कोर्ट के आदेशों के बावजूद फरार और वारंटियों की पेंडेंसी बढ़ती जा रही थी। सिपाही कंवरपाल सिंह राठौड़ ने सात सालों में 200 से अधिक फरार और इनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाया, जिसके चलते उन्हें हवलदार पद पर पदोन्नत किया गया। जानें क्या है खास...

- वे बताते हैं कि अब तो इतने भगौड़े पकड़ लिए कि काम का आनंद आने लगा है। फरार आरोपियों तक पहुंचने में हालांकि मेहनत भी लीक से हटकर करनी पड़ती है।
- वर्तमान में कोतवाली थाना में तैनात हवलदार बन चुके इस जांबाज पुलिसकर्मी को डीजीपी अजीतसिंह ने सेवानिवृत होने से पहले 15 हजार रुपए का इनाम दिया है। इसके आदेश इनके पास अब पहुंचे हैं।
- वे बताते हैं कि हत्या, लूट, हत्या के प्रयास, बलात्कार, ठगी, चोरी और ऐसे ही गंभीर अपराध के फरार आरोपियों को पकड़कर हवालात पहुंचा चुके हैं।
- कोतवाल नरेंद्र पूनियां ने बताया कि कंवरपाल भगोड़ों को पकड़ने के लिए मजदूरी करते हैं। आरोपियों के घरों में नौकर बनकर रहते हैं और जानकारी जुटाकर आरोपी को दबोच लेते हैं।
- एसपी हरेंद्र महावर ने बताया कि ऐसे काबिल पुलिसकर्मी के काम के तरीके ही अलग हैं। इससे सभी पुलिसकर्मी प्रेरणा लें तो पुलिस की पेंडेंसी खत्म हो जाए साथ ही समाज में अमन चैन कायम रहे।

भगौड़ों को पकड़ने में प्रदेश में 1 नंबर पर हैं कंवरपाल

- हवलदार कंवरपाल ने बताया कि भगौड़े पकड़ने में वे प्रदेश में पहले नंबर पर हैं। इस उपलब्धि पर उनको गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, तत्कालीन डीजीपी मनोज भट्ट और अजीतसिंह क्रमश: 5-5 और 15 हजार रुपए के नकद पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर चुके हैं।

- आज भी उनको थाने से वे ही केस दिए जाते हैं जिनमें अपराधियों का कोई अता पता नहीं होता। वे अपराधी के परिवार की डिटेल जानकारी जुटाते हैं।
- मोबाइल नंबरों को निगरानी में रखते हैं। इसके बाद किसी किसी तरह आरोपी तक पहुंचने के सुराग जुटा पकड़ लेते हैं।

कई बार हो चुके सम्मानित। कई बार हो चुके सम्मानित।
200 से अधिक फरार और इनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। 200 से अधिक फरार और इनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
डीजीपी अजीतसिंह ने सेवानिवृत होने से पहले 15 हजार रुपए का इनाम दिया है। डीजीपी अजीतसिंह ने सेवानिवृत होने से पहले 15 हजार रुपए का इनाम दिया है।
आरोपी के घर में नौकर बन जुटाते हैं जानकारी। आरोपी के घर में नौकर बन जुटाते हैं जानकारी।
काम के तरीके भी दूसरों से अलग। काम के तरीके भी दूसरों से अलग।
भगोड़ों को पकड़ने के लिए मजदूरी करते हैं। भगोड़ों को पकड़ने के लिए मजदूरी करते हैं।
हवलदार पद पर पदोन्नत किया गया है। हवलदार पद पर पदोन्नत किया गया है।
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राजस्थान पुलिस में हैं कंवरपाल सिंह राठौड़।राजस्थान पुलिस में हैं कंवरपाल सिंह राठौड़।
कई बार हो चुके सम्मानित।कई बार हो चुके सम्मानित।
200 से अधिक फरार और इनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।200 से अधिक फरार और इनामी बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
डीजीपी अजीतसिंह ने सेवानिवृत होने से पहले 15 हजार रुपए का इनाम दिया है।डीजीपी अजीतसिंह ने सेवानिवृत होने से पहले 15 हजार रुपए का इनाम दिया है।
आरोपी के घर में नौकर बन जुटाते हैं जानकारी।आरोपी के घर में नौकर बन जुटाते हैं जानकारी।
काम के तरीके भी दूसरों से अलग।काम के तरीके भी दूसरों से अलग।
भगोड़ों को पकड़ने के लिए मजदूरी करते हैं।भगोड़ों को पकड़ने के लिए मजदूरी करते हैं।
हवलदार पद पर पदोन्नत किया गया है।हवलदार पद पर पदोन्नत किया गया है।
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