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जिस मकान में 5 लोग जिंदा जल गए, उस मकान के सामने राजनीति और झगड़ा

Bhaskar News | Last Modified - Jan 14, 2018, 08:35 AM IST

परिजनों को ढांढ़स बंधाने गए सांसद के सामने ही उलझते रहे भाजपा-कांग्रेस के कार्यकर्ता।
जिस मकान में 5 लोग जिंदा जल गए, उस मकान के सामने राजनीति और झगड़ा

जयपुर. विद्याधर नगर सेक्टर 9 में जिस मकान में 5 लोग जिंदा जल गए उसी मकान के सामने बीजेपी व कांग्रेस की राजनीति शुरू हो गई। परिजनों को सांत्वना देने के लिए सांसद रामचरण बोहरा पहुंचे तो कांग्रेस के लोग आक्रोशित हो गए और सांसद का विरोध करने लगे। संजीव गर्ग के मकान के सामने ही जोर-जोर से यह कहकर चिल्लाने लगे कि सांसद लापरवाह अग्निशमन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात लिखित में दें। इसी दौरान बीजेपी कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और विरोध कर रहे लोगों को सभ्य भाषा में बात करने की नसीहत दे डाली। इसके बाद मामला बिगड़ गया और दोनों पक्ष करीब पांच मिनट तक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। इसी दौरान किसी ने कहा कि जिस मकान में 5 लोग जिंदा जल गए, उस मकान के सामने क्यों झगड़ रहे तो तब दोनों दलों के लोग आपस में उलझते हुए मकान से दूर चले गए।

आते-जाते रहे पब्लिक रिप्रेसेंटेटिव्स
- परिजनों से मिलने के बाद सांसद बोहरा जाने लगे तो विधायक मोहनलाल गुप्ता आ गए। सांसद वापस मौके पर आ गए। सांसद के आते ही फिर विरोध शुरू हो गया। बाद में सांसद ने कहा कि ईपी में हुए अग्निकांड की जांच के लिए गठित कमेटी ही इस अग्निकांड की जांच करेगी।

- सांसद बोहरा व विधायक मोहनलाल के जाने के कुछ देर बाद मेयर आ गए। जिन्होंने परिजनों से मुलाकात की। इसी दौरान कुछ कांग्रेसियों में सुगबुगाहट शुरू हो गई कि बीजेपी के सांसद व विधायक आ गए। अपने नेता कहां है? इसके कुछ ही देर बाद कांग्रेस नेता प्रतापसिंह खाचरियावास आ गए। तब लाहोटी भी परिजनों के साथ बैठे थे। दोनों नेताओं ने परिजनों को ढांढ़स बंधाया। मीडिया के सामने मेयर और सांसद ने दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही तो खाचरियावास ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।


‘ऐसे कर्मचारियों की फौज किस काम की’
अग्निशमन विभाग की लापरवाही पर विद्याधर नगर विधायक नरपतसिंह राजवी ने सीएम को पत्र लिखा। उन्होंने बताया कि पास ही अग्निशमन कार्यालय है फिर भी दमकलकर्मी डेढ़ घंटे बाद पहुंचे। वे भी ऐसे जिनसे न तो सीढ़ी खोली गई और न ही उनसे हौज़ पाइप में नोजल फिट हो पाया। ऐसे कर्मचारियों की फौज भी खड़ी कर दी जावे तो वो किस काम की। सीढ़ी समय पर लग जाती तो दो लोगों की जान बच सकती थी। मैंने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को फोन लगाया तो स्विच ऑफ आया।

दमकलकर्मी चप्पल पहनकर आए थे, लोगों से जूते और रूमाल मांगकर घर में घुस सके

शहर में 3 दिन में 4 जगह आग लग चुकी है। दमकलकर्मियों के पास पर्याप्त सुरक्षा साधन नहीं होने का नजारा इस हादसे में भी देखने को मिला। यहां दमकलकर्मी चप्पल पहनकर आए थे। उनके पास मास्क भी नहीं थे।

लोगों ने उन्हें जूते और गीले रूमाल दिए तो वे घर में आग बुझाने घुसे। निगम की फायर ब्रिगेड 10 वर्ष पुराने उपकरणों से आग पर काबू करने की जद्दोजहद कर रही है।

ईपी के रोज गार्डन में 30 दमकलें भी आग पर काबू नहीं कर पाई थी। एयरपोर्ट की दमकल बुलाकर इस पर काबू पाया। दमकलें बनवाने के लिए फायर ब्रिगेड के पास करोड़ों रुपए के 12 चैचिस खड़े हैं, लेकिन निगम के पास 5-6 करोड़ रु. का बजट नहीं होने से चैचिस बेकार हो रहे हैं। सात मंजिला इमारतों में आग बुझाने की 1 स्नार्कल लेंडर है जबकि शहर में 10 मंजिल से ज्यादा ऊंची इमारतें बन चुकी।

जनसंख्या के हिसाब से फायर ब्रिगेड 50% ही है। बनीपार्क, 22 गोदाम, वीकेआई, मानसरोवर, बिंदायका, सीतापुरा, घाटगेट, झोटवाड़ा, आमेर, सांगानेर में फायर स्टेशन है जबकि छह और इलाकों में जरूरत है। चारदीवारी की गलियों में आग बुझाने को बाइक अब तक नहीं खरीदी गई।

जिम्मेदारी निगम की, जेडीए ले रहा एनओसी शुल्क
आग बुझाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन जेडीए के पास फायर एनओसी के 60 करोड़ रु. जमा है। जेडीए नक्शे पास करते समय फायर एनओसी का शुल्क भी जमा करता है, लेकिन निगम को नहीं देता। इसे लेकर निगम व जेडीए के बीच स्वायत्त शासन मंत्री 3 मीटिंगें कर चुके। मंत्री के कहने के 6 माह के बाद भी जेडीए ने नगर निगम को राशि ट्रांसफर नहीं की।

‘सब जल जाने दो, मेरे बच्चे वापस ले आओ’

संजीव कुमार पत्नी के साथ 11 जनवरी को परिचित के यहां शादी समारोह में आगरा गए थे। पिता व बच्चों की मौत की सूचना पर संजीव कुमार करीब 10 बजे विद्याधर नगर आए। जबकि संजीव कुमार के बड़े भाई राजीव मां के साथ दिल्ली से आए थे। जांच के बाद पुलिस संजीव कुमार व राजीव कुमार को घर के अंदर ले जाने लगी तो संजीव कुमार कहने लगे-सब जल जाने दो आप तो मेरे बच्चों को वापस ले आओ। राजीव कुमार ने कहा कि अनिमेश अकसर दिल्ली आने की जिद करता था। वह एक बड़ा बिजनेसमैन बनना चाहता है।

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Web Title: jis mkan mein 5 loga jindaa jl gae, us mkan ke samne raajniti aur jhgadeaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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