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अब करणी सेना के महामंत्री ने कहा- हम बीजेपी के साथ

उपचुनाव में समर्थन देने के मुद्दे पर राजपूत नेताओं में सियासत गरमाई

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 05:39 AM IST

जयपुर. अजमेर, अलवर लोकसभा और मांडलगढ़ उपचुनाव के ठीक पहले करणी सेना, राजपूत सभा, रावणा राजपूत समाज सहित एक दर्जन से अधिक सामाजिक संगठनों के कांग्रेस को समर्थन देने के एक दिन बाद ही राजपूतों के ही एक और संगठन ने भाजपा को समर्थन की बात कहकर सियासत को गरमा दिया है।


सोमवार को भाजपा से जुड़े इन राजपूत नेताओं ने प्रेस काॅन्फ्रेंस कर कहा कि उपचुनावों में राजपूत समाज भाजपा के पक्ष में ही वोट करेगा। काॅन्फ्रेंस को भाजपा की सीकर जिला परिषद के सदस्य जितेंद्र सिंह कारंगा ने संबोधित किया।


उन्होंने खुद को श्री राजपूत करनी सेना का महामंत्री बताया और कहा कि राजपूत समाज की नाराजगी दो मुद्दों पर थी। इसमें समाज की मांग पर सरकार, आनंदपाल एनकाउंटर की जांच सीबीआई को दे चुकी है वहीं, प्रदेश में पद्मावती फिल्म के प्रदर्शन पर भी रोक लग चुकी है। दोनों ही मसलों पर सरकार ने समाज की मांगें मान लीं। कांग्रेस राजपूतों के समर्थन का दावा कर रही है लेकिन उपचुनावों में एक भी राजपूत प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया गया। जबकि भाजपा ने मांडलगढ़ में राजपूत प्रत्याशी को टिकट दिया।

काॅन्फ्रेंस में एक अन्य राजपूत नेता राजेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने राजपूत नेताओं को राज्य व केंद्र में पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है। जबकि कांग्रेस ने प्रदेश और केंद्र दोनों में ही राजपूत नेताओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया।

जिसे समाज का समर्थन, हम उसके साथ, कारंगा को हटाया : मकराना

हमारा समर्थन कांग्रेस के साथ है। हमारी अनुमति के बिना पीसी करने वाले महासचिव कारंगा को पद से हटा दिया गया है। यह बात करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कही है। कारंगा ने हमें बिना बताएं ही बीजेपी के कुछ नेताओं के साथ मिलकर यह पीसी करी हैं। जितेन्द्र सिंह कारंगा सीकर बीजेपी से जुड़े हैं, इसलिए बीजेपी ने करणी सेना के खिलाफ इस तरह की साजिश रची है और राजेन्द्र दिहाड़ नाम का करणी सेना में कोई प्रवक्ता नहीं है। सोमवार को करणी सेना के महासचिव जितेन्द्र सिंह कारंगा द्वारा पीसी के कुछ घंटे बाद ही प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने वीडियो वायरल कर कारंगा को पद से हटाने की जानकारी दी।