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कोचिंग देने छोड़ दी एयरफोर्स की जॉब, अब बेटा और भतीजा खेलेंगे IPL

4 वर्ष पहले
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भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर में रहने वाले देशराज चाहर के बेटे राहुल चाहर ने आईपीएल-11 में एंट्री की है। जब वे अंडर-19 खेले, तब उनके नाम सर्वाधिक विकेट थे। नवंबर 2017 में अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए टीम में जब चयन नहीं हुआ तो काफी टूट गए। इस दौरान जनवरी 2018 में मुश्ताक अली टूर्नामेंट में राजस्थान टीम में चयन हुआ, लेकिन शुरुआत के चार मैच नहीं खिलाए। बाद के मैच खिलाए और पंजाब की टीम के युवराज सिंह और दिल्ली की टीम के गौतम गंभीर को आउट कर चयनकर्ताओं की निगाहों में ऐसे चढ़ गए कि आईपीएल-2018 में एक करोड़ 90 लाख रुपए में मुंबई इंडियंस ने खरीदा। कूच बिहार ट्राॅफी, चैलेंजर ट्रॉफी धौलपुर से ही खेले।

 

- घर में इकलौते बेटे राहुल की बहन MBBS कर रही हैं। राहुल चाहर पहले भी आईपीएल में सनराइजर्स पुणे ओर से खेले थे।

- राहुल चाहर के कॅरियर को ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके ताऊ लोकेंद्र चाहर की मुख्य भूमिका रही।

- उन्होंने अपने भतीजे राहुल और बेटे दीपक चाहर को कोचिंग देने के लिए एयरफोर्स की नौकरी छोड़ दी।

- लोकेश ने बताया, 'मुझे इन दोनों को अच्छा क्रिकेटर बनाना था, इसलिए नौकरी की परवाह नहीं की; क्योंकि नौकरी करता तो इतना टाइम कोचिंग और मार्गदर्शन के लिए नहीं दे पाता। राहुल शरारती था। वह दीवार पर ही बैठे-बैठे देखता था, मैं खुद उसे बुलाकर प्रैक्टिस करने के लिए बोलता था।' 

- उन्होंने कहा, घर वालों ने कई बार राहुल और दीपक के क्रिकेट खेलने पर आपत्ति जताई, लेकिन मैं ही घर का कमांडर हूं। इसलिए कभी कोई चक्कर इनके क्रिकेट कॅरियर में सामने नहीं आया, नतीजा सामने है।

- राहुल चाहर के पिता देशराज चाहर वर्तमान में आगरा में बिल्डर का काम करते हैं। 

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