Hindi News »Rajasthan »Jaipur »News» Rajasthan Govt Preparing To Change School Syllabus From Next Session After Padmavati Row

पद्मावती विवाद: अब फिर से स्कूल कोर्स बदलने की तैयारी में राजस्थान सरकार

जब सरकार बदली, स्कूलों में कोर्स भी बदला, 15 साल में चार बदलाव।

मदन कलाल | Last Modified - Dec 09, 2017, 05:13 AM IST

  • पद्मावती विवाद: अब फिर से स्कूल कोर्स बदलने की तैयारी में राजस्थान सरकार
    +2और स्लाइड देखें
    एनसीआरटी की किताबों को भी सरकार बदलने के साथ ही बदल दिया गया। - फाइल

    जयपुर. मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से देश में स्कूली शिक्षा में जहां एक और समान पाठ्यक्रम की कवायद की जा रही है, इसके उलट राजस्थान ऐसा प्रदेश है जहां सरकार बदलते ही पाठ्यक्रम बदलने का एक रिवाज सा चल पड़ा है। पिछले 15 साल में राज्य का स्कूली पाठ्यक्रम 4 बार बदल दिया गया है। हालत यह है कि देश में सर्वाधिक प्रतिष्ठित और सर्वमान्य माने जाने वाले एनसीआरटी के पाठ्यक्रम पर छपी किताबों को भी सरकार बदलने के साथ ही बदल दिया गया। राजस्थान बोर्ड की प्रकाशित किताबों में बहुचर्चित पद्मावती प्रकरण से संबंधित विषयवस्तु को लेकर शिक्षामंत्री के आए बयान से एक बार फिर किताबों में बदलाव की संभावना बढ़ गई है।

    - प्रदेश में कक्षा एक से आठ तक का पाठ्यक्रम एसआईईआरटी तैयार करता है।

    - सैकंडरी से सीनियर सैकंडरी स्तर तक का कक्षा 9 से 12 तक के पाठ्यक्रम का निर्धारण राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के जिम्मे है।

    - इन किताबों का प्रकाशन राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल करवाता है।

    - राज्य में सरकार के बदलाव पर नजर डाली जाए तो सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम पर पड़ रहा है।

    - इससे हर बार प्रदेश के करीब एक करोड़ बच्चे सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं।

    - आरोप-प्रत्यारोप के बीच राज्य में पिछली कांग्रेस सरकार ने एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को लागू कर दिया तो दुबारा भाजपा राज आने पर एक बार फिर एनसीआरटी किताबों को बदलकर नया पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया। हालांकि, हर सरकार का दावा रहता है कि उनका पाठ्यक्रम श्रेष्ठ और ज्यादा प्रासंगिक है।

    #जानिए...कैसे स्कूलों में महापुरुष भी बदलते चले गए

    1. कांग्रेस राज (1.12.1998- 8.12.2003)
    राजस्थान बोर्ड के तात्कालीक अध्यक्ष प्रो.पी.सी. व्यास के कार्यकाल में 2002-03 में पिछले पाठ्यक्रम को बदल दिया गया। तर्क दिया गया-नया पाठ्यक्रम प्रासंगिक होने के साथ ही राजनीतिकरण से अछूता है।
    क्या बड़ा बदलाव/विवाद: मुख्यमंत्री के फोटो के साथ ही नारे कवर पृष्ठ पर आए। पाठ्यक्रम में कांग्रेस के इतिहास का विस्तृत बखान हुआ।

    2. भाजपा राज (8.12.2003-13.12.2008)
    डा. विमलप्रसाद अग्रवाल 2004-07 तक बोर्ड के चेयरमैन बने। इस दौरान प्रचलित किताबों को बदल दिया गया। पाठ्यक्रम कमेटियों को भी भंग कर दुबारा से कमेटियां गठित की गईं।
    क्या बड़ा बदलाव/विवाद: संघ विचारकों को पाठ्यक्रम में स्थान मिला। दीनदयाल उपाध्याय, श्यामाप्रसाद मुखर्जी जैसे व्यक्तित्व जुड़े। भारतीय संस्कृति को तरजीह।

    3. कांग्रेस सरकार (13.12.2008-2013)
    कार्यकाल में किताबों का फिर से रिव्यू हुआ। तात्कालीन बोर्ड अध्यक्ष सुभाष गर्ग थे। 2011-12 मेंं एनसीआरटी पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया। यह बदलाव कक्षा एक से लेकर सीनियर सैकंडरी तक हुआ।
    क्या बड़ा बदलाव/विवाद: एनसीआरटी पाठ्यक्रम लागू। किताबों में संघ से जुड़े व्यक्तियों के नाम हटाए गए। संघे शक्ति जैसे शब्दों को हटाया।

    4. वर्तमान सरकार (13.12.2013-जारी)
    एक बार फिर बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने पाठ्यक्रम को बदल डाला। इतिहास सहित कई किताबों में चैप्टर बदलने के साथ ही विषयवस्तु तक में बदलाव कर दिया गया। दो शिक्षा सत्राें के दौरान बदलाव। क्या बड़ा बदलाव/विवाद: कबीर, निराला, बिस्मिल से जुड़ी कालजयी रचनाएं हटीं। अकबर महान की जगह महाराणा प्रताप जोड़ा गया। पद्मावती मुद्दे पर ताजा विवाद। एनसीआरटी पाठ्यक्रम को बदला।

    #सवाल पर सवाल, बचाव में अपने-अपने तर्क

    हां, पद्मिनी से जुड़े प्रकरण की एक्सपर्ट ओपिनियन के बाद नए सत्र में बदलाव
    - बोर्ड के पाठ्यक्रम में पद्मिनी से जुड़े प्रकरण पर यदि किसी प्रकार की आपत्ति है तो इस पर एक्सपर्ट ऑपिनियन लिया जा रहा है। नए शिक्षा सत्र में इसमें आवश्यकतानुसार संशोधन किया जाएगा। जहां तक सरकार बदलने पर पाठ्यक्रम में बदलाव का सवाल है तो प्रासंगिकता के लिहाज से यह जरूरी था।
    -डाॅ. बी.एल. चौधरी, अध्यक्ष, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

    - जब एमएचआरडी देशभर में समान पाठ्यक्रम की योजना पर विचार कर रहा है तो आखिर क्यों सरकार बदलते ही पाठ्यक्रम बदला गया? एनसीआरटी का पाठ्यक्रम देशभर में सर्वमान्य है। शिक्षा के राजनीतिकरण से सरकार को बचना चाहिए।
    -सुभाष गर्ग, पूर्व अध्यक्ष, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड

  • पद्मावती विवाद: अब फिर से स्कूल कोर्स बदलने की तैयारी में राजस्थान सरकार
    +2और स्लाइड देखें
    राज्य में सरकार के बदलाव पर नजर डाली जाए तो सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम पर पड़ रहा है। -फाइल
  • पद्मावती विवाद: अब फिर से स्कूल कोर्स बदलने की तैयारी में राजस्थान सरकार
    +2और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jaipur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Rajasthan Govt Preparing To Change School Syllabus From Next Session After Padmavati Row
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×