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ड्‌यूटी पर लौटने लगे डॉक्टर्स, गिरफ्तारी के डर से भूमिगत भी

डॉक्टरों से गुमराह न होकर मरीजों के प्रति जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आग्रह किया है।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 05:34 AM IST
rajasthan Resident doctor in support of strike

जयपुर. रेस्मा लागू होने के बावजूद सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। हालांकि, कई जगह डॉक्टर ड्‌यूटी पर लौटने भी लगे हैं। गिरफ्तारी के डर से डॉक्टर भूमिगत भी हैं। इस बीच, एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े करीब आठ सौ रेजीडेंट्स भी सोमवार को सेवारत चिकित्सकों के समर्थन में हड़ताल पर चले गए।

- चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ का कहना है कि डॉक्टरों से हुए समझौते के अनुसार ज्यादातर मांगें पूरी की जा चुकी है।

- उन्होंने सेवारत चिकित्सकों से गुमराह न होकर मरीजों के प्रति जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आग्रह किया है।
- कोटा में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत 261 सेवारत चिकित्सकों में से 161 काम पर लौट आए। बांसवाड़ा में चिकित्सक संघ में दो फाड़ हो गए। इस कारण हड़ताल का बांसवाड़ा में ज्यादा असर देखने को नहीं मिला।
- रेस्मा में लगातार हो रही गिरफ्तारी के डर से सोमवार को उदयपुर संभाग के 1505 में से 1295 सरकारी डॉक्टर भूमिगत (हड़ताल पर) रहे। इनमें 1098 में 888 सेवारत डॉक्टर भी शामिल हैं।

अस्पताल में झोलाछाप ने खोल ली ‘क्लिनिक’

- हड़ताल के कारण अस्पतालों से डॉक्टर नदारद हैं। ऐसे में झोलाछाप मौके का फायदा उठा रहे हैं। सीकर जिले के फतेहपुर में तो एक झोलाछाप ने धानुका राजकीय अस्पताल में ही अपनी दुकान जमा ली।

- इस ‘डॉक्टर’ ने बांस के ढांचे पर जड़ी-बूटियां और कई तरह के तेल से भरी शीशियां लटकाई हुईं थीं। हर मर्ज का इलाज वह 120 रुपए लेकर कर रहा था।

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