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40 महिलाएं संभालेंगी रेलवे स्टेशन, सुपरिंटेंडेंट से प्वाइंट्समैन तक काम रहेगा इनके जिम्मे

सुपरिंटेंडेंट से प्वाइंट्समैन तक का सारा काम रहेगा इन्हीं के जिम्मे, स्टेशन का नाम जा सकता है लिम्का बुक में

Dainik Bhaskar

Feb 07, 2018, 04:14 AM IST
मार्च 2015 में जयपुर की पहली महिला स्टेशन मास्टर बनी नीलम जाटव ही अब गांधीनगर स्टेशन की भी सुपरिंटेंडेंट मार्च 2015 में जयपुर की पहली महिला स्टेशन मास्टर बनी नीलम जाटव ही अब गांधीनगर स्टेशन की भी सुपरिंटेंडेंट

जयपुर. यह राजस्थान के लिए एक गौरव की ही बात होगी, कि यहां बेटियों का हौंसला बढाने और उन्हें आगे बढाने के लिए एक सार्थक व सकारात्मक शुरुआत की जा रही है। यह शुरुआत उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल द्वारा की जा रही है। जयपुर के पास बना गांधीनगर रेलवे स्टेशन देश का दूसरा व राजस्थान का पहला ऑल-वुमन रेलवे स्टेशन बनने जा रहा है। उप रेलवे के जीएम टीपी सिंह की अनुशंसा पर डीआरएम सौम्या माथुर व एडीआरएम (ओ) आरपी मीना ने इसकी शुरुआत की है। इसके लिए यहां महिला रेलकर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। इसी फरवरी माह में उप रेलवे के जीएम टीपी सिंह व जयपुर डीआरएम सौम्या माथुर इसकी शुरुआत करेंगी। इसके बाद इस स्टेशन का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी भेजा जा सकता है।

एजुकेशन हब है गांधीनगर, इसीलिए स्टेशन को ऑल-वुमन बनाया जा रहा है

मंडल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गांधीनगर के आसपास के इलाकों में सबसे ज्यादा कोचिंग इंस्टीट्यूट हैं। जिसके चलते यह जयपुर का एजुकेशन हब है। साथ ही रिहायशी इलाकों से नजदीक भी है। यात्रा करने वालों में स्टूडेंट्स सबसे ज्यादा हैं। महिला-पुरुष समानता की सोच को आगे बढ़ाने के लिए छात्रों से बेहतर जरिया नहीं हो सकता। इसलिए गांधीनगर स्टेशन को चुना गया है।

यूं पिंक होगा स्टेशन
स्टेशन सुपरिंटेंडेंट से लेकर खलासी (प्वाइंट्समैन) तक और आरपीएफ इंस्पेक्टर से टिकट चैकिंग स्टाफ तक सब महिलाएं हैं। 40 महिला कर्मचारी तैनात होंगी। 8-8 घंटे की तीन शिफ्ट में काम होगा। नीलम जाटव गांधीनगर की पहली महिला स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (एसएस) होगी। ये वही नीलम हैं, जो मार्च 2015 में जयपुर मंडल की पहली महिला स्टेशन मास्टर बनी थीं। ऑल-वुमन स्टेशन की कमान नीलम को सौंपी है। नीलम डीआरएम सौम्या माथुर से बोलीं- वह इस जिम्मेदारी को संपूर्ण निष्ठा के साथ निभाएंगी।

ट्रेनों के सफल और सुरक्षित संचालन की जिम्मेदारी एंजिला स्टेला की है
एंजिला कहती हैं- आईएएस की प्री परीक्षा पास कर ली थी। पिताजी की मृत्यु होने पर रेलवे की नौकरी चुन ली। अब जो जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरा करना है। महिला स्टेशन होगा, यह सोचकर ही मजा आ रहा है। सरोज धाकड़ व गीता सिंह भी उत्साहित हैं। नीलम की टीम में 40 महिलाएं राजस्थान, बिहार, यूपी, के अलग-अलग शहरों से हैं। सबका काम निर्धारित होगा। लगभग 40 महिलाएं स्टेशन ऑपरेशन संभालेंगी। इनमें 4 ट्रेन ऑपरेशन, 8 बुकिंग, 6 रिजर्वेशन, 6 टिकट चैकिंग व अनाउंसमेंट लगभग 10 आरपीएफ और 6 स्टेशन के बाकी बड़े-छोटे काम संभालेंगी।

सीनियर डीएफएम अभिलाषा कॉर्डिनेटर, वॉट्सएेप ग्रुप टीम को रखेगा अपडेट
इस स्टेशन से जुड़ी समस्याओं के लिए रेलवे ने सीनियर डीएफएम अभिलाषा मिश्रा को स्टेशन कॉर्डिनेटर बनाया है। किसी तरह कि समस्या होने पर टीम गांधीनगर उन्हें बताएगी। डीआरएम सौम्या माथुर, एडीआरएम आरपी मीना, एडीआरएम (ए) एचसी मीना एक वॉट्सएप ग्रुप पर स्टेशन की गतिविधियों से अपडेट रहेंगे। इस ग्रुप में सीनियर डीसीएम डॉ राकेश कुमार, सीनियर डीओएम केके मीना, सीनियर डीएससी मनोज सिंह सहित व्यवस्थाओं से जुड़े सभी अधिकारी होंगे।

संतोष धाकड संतोष धाकड
गीता देवी गीता देवी
एंजिला स्टेला एंजिला स्टेला
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मार्च 2015 में जयपुर की पहली महिला स्टेशन मास्टर बनी नीलम जाटव ही अब गांधीनगर स्टेशन की भी सुपरिंटेंडेंटमार्च 2015 में जयपुर की पहली महिला स्टेशन मास्टर बनी नीलम जाटव ही अब गांधीनगर स्टेशन की भी सुपरिंटेंडेंट
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गीता देवीगीता देवी
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