जयपुर

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आनंदपाल एनकाउंटर: सरकार ने राजपूत नेताओं के केस भी CBI को दे दिए

सरकार जान बुझकर राजपूत समाज के लोगों को फंसाना चाहती है।

Danik Bhaskar

Jan 09, 2018, 04:22 AM IST

जयपुर. आनंदपाल एनकाउंटर के मामले में सीबीआई की ओर से मामला दर्ज कर जांच शुरू करते ही राजपूत समाज विरोध में आ गया है। राजपूत समाज का आरोप है कि सरकार से हुए समझौते में आनंदपाल एनकाउंटर व सुरेन्द्र सिंह की मौत के मामले की जांच सीबीआई से कराने पर सहमति बनी थी।

मगर सरकार ने सांवराद में हुए विवाद के मामले में दर्ज एफआईआर की जांच भी सीबीआई से कराने को भेज दिया। जबकि दोनों मामलों के अलावा इस मामले से जुड़े किसी अन्य मामले की जांच सीबीआई से कराने पर सहमति नहीं थी व सभी मामले सरकार वापस लेगी। ऐसे में सरकार जान बुझकर राजपूत समाज के लोगों को फंसाना चाहती है।

सरकार के विरोध में सोमवार को राजपूत समाज के सभी संगठनों के पदाधिकारी राजपूत सभा भवन में एकत्र हुए। राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरीराज सिंह लोटवाड़ा ने बताया कि सरकार के साथ 18 जुलाई को समझौता हुआ था। जिसमें सिर्फ आनंदपाल एनकाउंटर व सुरेन्द्र सिंह मौत मामले की जांच सीबीआई से कराने की बात हुई थी।

पद्मावती रिलीज हुई तो हर सरकार नुकसान उठाएगी

राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाड़ा, मारवाड़ राजपूत सभा के हनुमान सिंह खांगटा, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी, करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना, प्रवक्ता करण राठौड़, प्रताप फाउंडेशन के महावीर सिंह सरवडी, रावणा राजपूत समाज के नेता रणजीत सिंह टोडा, मोहन सिंह हाथोज, राजपूत युवा नेता दुर्ग सिंह चौहान, भवानी निकेतन से दिलीप सिंह घोडीवारा ने कहा कि अगर पद्मावती फिल्म रिलीज हुई तो सरकार को नुकसान उठाना पडे़गा।

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