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पूर्व मंत्री बीना काक ने गलत तरीके से ली सुविधाएं, 32.73 लाख रु. वसूली के ऑर्डर

लोकायुक्त ने 5 आईएएस सहित 6 अफसरों पर भी कार्रवाई की सिफारिश की

Danik Bhaskar | Jan 03, 2018, 04:44 AM IST

जयपुर. लोकायुक्त की जांच में अशोक गहलोत सरकार में पर्यटन मंत्री रहीं बीना काक को नियम विरुद्ध राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) से सुविधाएं लेने का दोषी माना है। लोकायुक्त ने राज्य सरकार को बीना काक से 32.73 लाख रुपए की वसूली करने की अनुशंसा की है।


- गलत तरीके से सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 5 आईएएस सहित छह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भी सिफारिश की गई है।

- इन अफसरों में केंद्र में तैनात राकेश श्रीवास्तव, उषा शर्मा, राज्य के स्थानीय निकाय विभाग के प्रमुख सचिव मंजीत सिंह, राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव चंद्रशेखर मूथा, पूर्व आईएएस विनोद अजमेरा, पर्यटन विभाग के तत्कालीन वित्तीय सलाहकार आलोक माथुर शामिल हैं। लोकायुक्त ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को जांच रिपोर्ट भेज दी है।



मंत्री को सुविधाएं नहीं देने का है नियम
- बीना काक की सुविधाओं पर 32.73 लाख रु. निगम कोष से 2009-2011 के बीच खर्च हुए थे।

- इससे टीवी, फ्रीज, एसी, वाहन, कंप्यूटर व अन्य उपकरण उपलब्ध कराए गए। जबकि आरटीडीसी के मैमोरेंडम व आर्टिकल्स आॅफ एसोसिएशन के अनुच्छेद- 96 में यह प्रावधान था कि किसी भी मंत्री को आरटीडीसी से किसी प्रकार की सुविधाएं नहीं दी जाएंगी।