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इलाज की हड़ताल: 800 रेजीडेंट्स भी हड़ताल पर, मरीज भगवान भरोसे

बड़े ऑपरेशन टाले, ओपीडी में मरीज घंटों इंतजार करते रहे

Bhaskar News | Last Modified - Dec 19, 2017, 06:24 AM IST

इलाज की हड़ताल: 800 रेजीडेंट्स भी हड़ताल पर, मरीज भगवान भरोसे

जयपुर. सेवारत डॉक्टरों की हड़ताल के बाद सोमवार से एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों के करीबन 800 रेजीडेंट डॉक्टरों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। इससे चिकित्सा व्यवस्था ठप रही। मरीज ‘धरती के भगवान’ को तलाशते रहे। एसएमएस अस्पताल, जेके लोन, इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पीरेटरी डिजीज, गणगौरी बाजार, जनाना चांदपोल व सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय में मरीजों की लंबी कतार रही। भर्ती मरीजों को वार्ड में दवा नहीं मिली तो जांच की पर्ची के लिए परिजन भटकते रहे। एसएमएस अस्पताल में रेजिडेंट के कार्य बहिष्कार के कारण करीब 100 ऑपरेशन ही हुए। जबकि सभी विभागों में रोजाना 200 से 250 ऑपरेशन होते हैं। डिस्पेन्सरियों में इलाज की आस में पहुंचे मरीजों को भी इलाज नहीं मिला और वे अस्पतालों में धक्के खाते रहे।


मरीज परेशान, दूसरी तरफ बैठक
एसएमएस अस्पताल में एक ओर मरीज परेशान रहे, वहीं वैकल्पिक व्यवस्थाओं के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों की आपात बैठक बुलाकर वैकल्पिक इंतजामों की समीक्षा की। इधर, रेस्मा के तहत सेवारत चिकित्सकों की गिरफ्तारी के बाद रेजीडेंट भी गिरफ्तारी के डर से भूमिगत होने लगे हैं।


असर इसलिए ज्यादा

मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों की आईसीयू, इमरजेंसी व भर्ती मरीजों के साथ 24 घंटे रेजीडेंट ही रहते हैं। दवा, जांच लिखने जैसे काम वे ही करते हैं और मरीजों की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर से फोन पर बातचीत करके इलाज करते हैं।

अस्पताल प्रशासन का दावा : हमारे यहां कोई दिक्कत नहीं

सोमवार को विभागाध्यक्षों को आपातकालीन व्यवस्थाओं पर फोकस रखा। साथ ही मरीजों को किसी तरह की दिक्कतें नहीं आने दीं।
-डॉ.यू.एस.अग्रवाल, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज


इमरजेंसी व आईसीयू में टीचिंग फैकल्टी को लगाया। हालांकि, ओपीडी, आईपीडी कम रहे। इमरजेंसी ऑपरेशन किए गए। सोमवार को 103 ऑपरेशन हुए। ऑपरेशन टालने की जानकारी मुझे नहीं है। 87 मेडिकल ऑफिसर मौजूद थे।
-डॉ.डी.एस.मीणा, अधीक्षक, एसएमएस अस्पताल


हमारे यहां पर मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। चिकित्सा विभाग की ओर से लगे 68 में से 57 डॉक्टर उपस्थित हैं और 10 रेजीडेंट डॉक्टर कार्यरत हैं।
-डॉ.लीनेश्वर हर्षवर्धन, अधीक्षक, कावंटिया अस्पताल

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