--Advertisement--

दूध की बंपर आवक फिर भी सरस घी 105 रु. तक महंगा, 7 माह पुराना स्टाक बिक रहा

हालात यह है कि ब्रिक्री नहीं होने की वजह से सात माह पहले मई 2017 में पैकिंग हुआ सरस घी जनवरी 2018 में मार्केट में बिक र

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 05:29 AM IST

जयपुर. राजस्थान में दूध की बंपर आवक की वजह से सरस डेयरी संघों में दूध रखने के लिए जगह नहीं है। पाश्च्युरीकृत करने के लिए संसाधन उपलब्ध नहीं होने की वजह से दुग्ध समितियों पर कटौती कर दी गई है। ये सब होने के बाद भी सरस घी अन्य देशी घी के ब्रांडों से उपभोक्ताओं को 105 रुपए प्रति लीटर महंगा है। हालात यह है कि ब्रिक्री नहीं होने की वजह से सात माह पहले मई 2017 में पैकिंग हुआ सरस घी जनवरी 2018 में मार्केट में बिक रहा है।

प्रदेश के 21 जिला दुग्ध संघों में हर दिन करीब 36 लाख लीटर एकत्रित हो रहा है। यह स्थिति तो तब है जब संघों ने दूध लेने में कटौती कर दी है। कटौती नहीं होने पर यह आंकड़ा 42 लाख लीटर प्रतिदिन पहुंच सकता है। दूध की बंपर आवक के बाद भी राजस्थान डेयरी फैडरेशन लिमिटेड उपभोक्ताओं के लिए घी सस्ता नहीं कर रहा है, जबकि गर्मियों में आवक कम होने की वजह से डेयरी ने घी में 125 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ौतरी कर दी थी। दूसरी तरफ दूध की आवक बढ़ते ही अन्य ब्रांडों ने घी के दामों में 100 रुपए प्रति लीटर तक कमी कर दी है।

ब्रिक्री हर दिन 15 मैट्रिक टन, उत्पादन 30 मैट्रिक टन
रेट अधिक होने की वजह से शहर में सरस घी की खपत केवल 15 मैट्रिक टन रह गई है। पहले यह खपत करीब 25 मैट्रिक टन थी। इसके विपरीत जयपुर डेयरी में हर दिन करीब 30 मैट्रिक टन का उत्पादन हो रहा है। यानी हर दिन करीब 15 मैट्रिक टन सरस घी एकत्रित हो रहा है। साल में यह घी 5 हजार मैट्रिक टन एकत्रित हो जाता है।


मार्केटिंग अधिकारी को बाजार का नहीं अंदाजा
मार्केटिंग और अधिकारियों को बाजार का अंदाजा नहीं होने की वजह से सरस घी की ब्रिक्री नहीं हो रहा है। मार्केट में तेजी नहीं हो और आवक अधिक है तो घी के दामों में कमी होनी चाहिए, लेकिन नहीं हो रहा है।