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14 साल की कानूनी लड़ाई में ग्राउंड से रसूखदारों के पांव उखाड़े; अब यहां खुशियां खेलती हैं

ग्राउंड की जमीन थी, रसूखदारों ने दुकानें खुलवा दीं...2003 में पद्मावती हाई कोर्ट गई, 30 पेशियों के बाद दुकानेंं हटीं

राजेन्द्र गौतम | Last Modified - Jan 22, 2018, 04:43 AM IST

  • 14 साल की कानूनी लड़ाई में ग्राउंड से रसूखदारों के पांव उखाड़े; अब यहां खुशियां खेलती हैं
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    जयपुर. देशभर में पद्मावत फिल्म को लेकर भले ही बवाल मचा हुआ हो मगर जयपुर में एक पद्मावती टीम ऐसी भी है जिसने अपने हक और न्याय के लिए 14 साल तक कोर्ट में लड़ाई लडी। आखिर में पद्मावती के सामने रसूखदारों के पांव उखड़ गए और उन लोगों को झुकना पड़ा जिन्होंने इनके ग्राउंड पर दुकानें लगा रखी थी। हाउसिंग बोर्ड ने भी रातोंरात इस टीम के लिए ग्राउंड से दुकानें हटाई।

    - चारों और दीवार बनवाई। दुकानों के हटते ही पद्मावती टीम ने दो माह में पूरा मैदान बना दिया। जिसमें 25 साल से ज्यादा उम्र की 13 टीमों की 142 महिलाएं दौड़ी तो वहां मौजूद परिवारों के सदस्य बोल उठे-ऐसा बदलाव पहले कभी नहीं देखा।

    - महिलाओं के लिए रविवार को यहां 100 मीटर, 200 मीटर रेस, रिले, थ्रो बॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।

    कोर्ट के आदेश पर हाउसिंग बोर्ड ने एक्शन नहीं लिया तो कोर्ट कंटेम्प्ट दायर की...तब बोर्ड ने दुकानें हटाईंं

    - मानसरोवर सेक्टर 122 में इंद्रपथ पर हाउसिंग बोर्ड ने सेक्टर प्लान में ग्राउंड बना रखा है। इस ग्राउंड पर रसूख वाले लोगों ने अफसरों से मिलीभगत कर करीब 50 से ज्यादा थड़ी ठेले वालों को बसा दिया। इसके लिए बाकायदा ग्राउंड में सड़क तक बना दी थी। तब आसपास की कॉलोनियों में रहने वाली महिलाओं को केन्द्रीय विद्यालय की टीचर सपना वर्मा ने एकजुट किया। यह टीम हर दिन की रणनीति बनाती।

    - कई बार विरोध किया, मगर रसूखात के चलते कुछ नहीं हुआ। 2003 में हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की गई। चार साल तक कोर्ट में सुनवाई चली। 30 से ज्यादा पेशियां हुईं। हर सुनवाई पर पद्मावती टीम कोर्ट में रही। टीम की सदस्य एडवोकेट अनुराधा उपाध्याय ने पैरवी की।

    - 2007 में हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि सेक्टर प्लान में ग्राउंड से हाउसिंग बोर्ड कब्जे हटाए। हाउसिंग बोर्ड के अफसरों ने कुछ नहीं किया। 2008 में कोर्ट कंटेम्ट दायर की। हाउसिंग बोर्ड के अफसर कोर्ट में हाजिर हुए। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड के अफसरों ने रसूखदारों का कब्जा हटाकर ग्राउंड के चारों और दीवार करवा दी। इस तरह पद्मावती टीम की जीत हुई

    ये हैं टीम पद्मावती

    केन्द्रीय विद्यालय में टीचर सपना वर्मा, वंदना खुशदिल, गृहणी अनिता अग्रवाल, अमिता छीपा, शशि जैन, रुचि जैन ,हाईकोर्ट वकील अनुराधा उपाध्याय, रोशनी प्रेमानी, स्नेहलता राठौड, शारदा वर्मा, लायंस क्लब आदर्श नगर की सचिव रोजी सक्सेना और निरूपमा जैन।

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Web Title: Story Of Struggle Of Woman Power From Jaipur
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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