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80 करोड़ साल पहले, जब भारत बन चुका था तब चीन बिखरा हुआ था; हम अपनी जगह बने रहे

जयपुर और चीन के तीन वरिष्ठ भू-वैज्ञानिकों की चार साल तक की गई रिसर्च में सामने आए चौंकाने वाले नतीजे

Dainik Bhaskar

Feb 03, 2018, 04:47 AM IST
तब हिमालय भी नहीं था, उसकी जगह समुद्र था तब हिमालय भी नहीं था, उसकी जगह समुद्र था

जयपुर. करीब 80 करोड़ साल पहले चीन का एक बड़ा हिस्सा कभी हमारे नजदीक था। जी हां, भौगोलिक दृष्टि से तीन भागों से जुड़कर बने चीन का दक्षिणी हिस्सा उसके अन्य दोनों भू-भाग के बजाए राजस्थान के उत्तर के नजदीक था। यह बात जबकि आज यह भू-भाग करीब साढ़े 3 हजार किमी दूर जा चुका है। खास बात यह भी है कि भारत नहीं बदला है, बल्कि चीन की स्थिति की बदली है। जयपुर के भू-वैज्ञानिक सहित चीन के दो प्रोफेसर की रिसर्च में यह बात सामने आई है।

- यह रिसर्च करीब चार साल तक जोधपुर, बाड़मेर, जालोर, पाली, सिरोही की चट्टानों के साथ दक्षिण चीन की यांगत्से नदी क्षेत्र पर की गई है। पश्चिमी राजस्थान की ये चट्टानें 75 से 100 करोड़ साल पहले की आग्नेय चट्टानें हैं, जो लावा से बनी हैं।

- तीनों भू-वैज्ञानिकों में राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर एमके पंडित, चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ जियो साइंसेज, वूहान के प्रो. वेई वांग व प्रो जूं हांग हैं।

- रिसर्च पर इंटरनेशनल भू वैज्ञानिकों के सर्वाधिक प्रतिष्ठित इंटरनेशनल ‘एल्सेवियर’ ने मुहर लगाते हुए उनके रिसर्च जर्नल ‘जियो फिजिकल रिसर्च लेटर्स’ में जगह दी है।

अब नए उपकरणों से 100 करोड़ साल की जानकारियां भी ली जा सकती हैं
भू-वैज्ञानिकों के रिसर्च में पहले 50 करोड़ साल की भौगोलिक स्थितियां ही पता लग पाती थी। अब नई रिसर्च, उपकरणों से 100 करोड़ साल से ज्यादा की जानकारियां भी ले पा रहे हैं। कुछ साल पहले हमने 75 करोड़ साल पहले के बारे में चली आ रही अवधारणा को तोड़ते हुए बताया था कि अंटाकर्टिका व आस्ट्रेलिया से जुड़ा हुआ नहीं था। बल्कि भारतीय भू-भाग अलग ही था। अब करीब 4 साल के रिसर्च के नतीजों में भारत और चीन की भौगोलिक स्थितियां साफ हो पाई हैं।

-प्रो. एम के पंडित, वरिष्ठ भू वैज्ञानिक, जयपुर


हमारी सामूहिक रिसर्च के नतीजे चौंकाने वाले और अवधारणाओं से भिन्न आए हैं। इनको प्रतिष्ठित जर्नल में जगह मिलने से हम खुश हैं।
-प्रो. वेई वांग और प्रो. जूं हांग, चाइना यूनि.ऑफ जियो साइंसेज

Surprising results in research of geo-scientists

रिसर्च के नतीजों से साफ है कि 80 करोड़ साल पहले भारत का भू-भाग अपने वर्तमान स्वरूप में आ चुका था। तब वर्तमान चीन के बनने की प्रक्रिया जारी थी। उसके तीन टुकड़े अलग-अलग थे। धीरे-धीरे उनके तीनों हिस्से नजदीक आकर जुड़े और वर्तमान चीन का स्वरूप उभरकर आया।

 वर्तमान में दक्षिण चीन भारत के सुदूर पूर्व में स्थित है, जबकि तब उत्तर पश्चिम में था। यह तब की बात है, जबकि हिमालय भी नहीं था, बल्कि उसकी जगह समुद्र था। 

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तब हिमालय भी नहीं था, उसकी जगह समुद्र थातब हिमालय भी नहीं था, उसकी जगह समुद्र था
Surprising results in research of geo-scientists
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