जयपुर

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रानी पद्मिनी का किले देखने पहुंचे 50 हजार टूरिस्ट, हजारों तो टिकट ही नहीं ले पाए

पुलिस के 60 जवान और अधिकारी दिनभर इससे जूझते रहे। इसके बावजूद कई बार जाम लगा।

Danik Bhaskar

Jan 01, 2018, 08:27 AM IST

चित्तौड़गढ़. साल का आखिरी दिन और संडे। ऐसे में किले पर पर्यटकों का हुजुम उमड़ पड़ा। उम्मीद से अधिक पर्यटकों के आने से पुलिस, गाइड और फोटोग्राफर सब चौंक गए। सुबह से रात तक अनुमानतया 50 हजार लोग किले पर चढ़ गए। इस कारण सात दरवाजों वाले मार्ग पर हर दस मिनट में एक साइड का ट्रेफिक रोककर दूसरी साइड के वाहन निकाले गए। पुलिस के 60 जवान और अधिकारी दिनभर इससे जूझते रहे। इसके बावजूद कई बार जाम लगा।


सुबह से किले पर वाहनों की रेलमपेल शुरू हो गई। साल का आखिरी दिन और रविवार होने से पुलिस यातायात पुलिस चौकस थी। हर दरवाजे और उनके बीच-बीच भी पुलिसकर्मी तैनात कर दिए थे, पर पर्यटकों की भीड़ उम्मीद से अधिक गई। यातायात पुलिस के दस कोतवाली थाने के 40 जवान भी कम पड़ गए तो बाद में पुलिस लाइन से दस जवान और बुलाने पड़े।

ट्रेफिक इंचार्ज टीना सोलंकी भी जाम के बीच लाउड स्पीकर से ट्रेफिक कंट्रोल करती रही। किले पर चौकी प्रभारी भूरसिंह सहित पुलिस जवानों के अलावा भारतीय पुरातत्व विभाग के 36 पर्यटन विभाग के दो जवान भी यहां तहां पर्यटकों की भीड़ में तैनात रहे। रामपोल से किले पर जाने वाले दोनों मार्ग को वन वे रखा गया, लेकिन पाडनपोल से ऊपर जाने का एक ही रास्ता होने से इसके बीच वाहन जाम में फंसे। हालांकि पुलिस ने हर दस मिनट में एक साइड के वाहनों को जहां का तंहा रोककर स्थिति नियंत्रण में रखी।

हजारों पर्यटक टिकट नहीं ले पाए फिर भी आंकड़ा 7 हजार पार
व्यू पाइंट पर एएसआई के काउंटर पर रविवार को 7303 टिकट बिक गए। जो इस सीजन का रिकार्ड है। बावजूद इसके कि आने वाले वाहनों को रामपोल से रिंग रोड की ओर डायवर्ट करने से हजारों पर्यटक बिना टिकट लिए ही दुर्ग भ्रमण करने लगे। आमतौर पर आने वाले वाहनों का रूट व्यू पाइंट और उतरने वाले वाहनों का मार्ग रिंग रोड रहता है, पर रविवार को भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस को सिस्टम बदलना पड़ा। काउंटर पर शनिवार को 5400 टिकट कटे थे।

उत्तरभारत मध्यप्रदेश से भी बढ़ रहे पर्यटक
किले पर दोपहर बाद तक रही भीड़ में अधिकांश चेहरे अन्य प्रांतों के थे। गाइड हरीश साहू के अनुसार रविवार को दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश मध्यप्रदेश के खूब पर्यटक आए। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट, बंगाल राजस्थान के अन्य जिलों के भी काफी पर्यटक आए। करीब 150 से 200 विदेशी पर्यटक भी रहे। कालिका माता मंदिर दर्शन के कारण शाम को लोकल वाहन दर्शनार्थी भी बढ़ गए। लाइट एंड सांउड शो भी फुल चले।

हजारों पर्यटक टिकट नहीं ले पाए फिर भी आंकड़ा 7 हजार पार
व्यू पाइंट पर एएसआई के काउंटर पर रविवार को 7303 टिकट बिक गए। जो इस सीजन का रिकार्ड है। बावजूद इसके कि आने वाले वाहनों को रामपोल से रिंग रोड की ओर डायवर्ट करने से हजारों पर्यटक बिना टिकट लिए ही दुर्ग भ्रमण करने लगे। आमतौर पर आने वाले वाहनों का रूट व्यू पाइंट और उतरने वाले वाहनों का मार्ग रिंग रोड रहता है, पर रविवार को भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस को सिस्टम बदलना पड़ा। काउंटर पर शनिवार को 5400 टिकट कटे थे।

उत्तरभारत मध्यप्रदेश से भी बढ़ रहे पर्यटक
किले पर दोपहर बाद तक रही भीड़ में अधिकांश चेहरे अन्य प्रांतों के थे। गाइड हरीश साहू के अनुसार रविवार को दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश मध्यप्रदेश के खूब पर्यटक आए। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट, बंगाल राजस्थान के अन्य जिलों के भी काफी पर्यटक आए। करीब 150 से 200 विदेशी पर्यटक भी रहे। कालिका माता मंदिर दर्शन के कारण शाम को लोकल वाहन दर्शनार्थी भी बढ़ गए। लाइट एंड सांउड शो भी फुल चले।

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