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पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत के दो पीएसओ के नाम भी राष्ट्रपति पदक के लिए भेजे

गृह विभाग को भेजे गए 18 पुलिसकर्मियों के नाम

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 02:17 AM IST

जयपुर. पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने 18 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित करने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा है। खास बात यह है कि इन 18 नामों में पूर्व सीएम अशोक गहलोत के दो पीएसओ रामनिवास चेजारा और किशोरीलाल सैनी भी हैं। प्रस्ताव केंद्र के पास जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद 26 जनवरी को पदक की घोषणा होगी और 15 अगस्त को सम्मान होगा।

- आमतौर पर इस पदक के लिए उन्हीं पुलिसकर्मियों का चयन होता है, जिन्होंने ड्यूटी पर जान की परवाह न करते हुए बहादुरी का परिचय दिया हो, मगर गहलोत के इन पीएसओ के खाते में ऐसी कोई उपलब्धि नहीं है।

- पीएचक्यू ने भी माना है कि आउटस्टैंडिंग रिकॉर्ड के आधार पर इनका नाम प्रस्तावित किया गया है।

कमेटी में फूट, फिर भी प्रस्ताव मंजूर
- सूत्रों के मुताबिक पुलिसकर्मी जिस शाखा में तैनात है, उस शाखा के उच्चाधिकारी राष्ट्रपति पदक के लिए पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजते हैं। डीजी कमेटी बनाते हैं। इसमें एडीजी हैडक्वार्टर, एडीजी कार्मिक, एडीजी क्राइम, एडीजी कानून-व्यवस्था समेत अन्य दो एडीजी होते हैं। गहलोत के दोनों पीएसओ ने हैडक्वार्टर ब्रांच में आवेदन किया। अक्टूबर माह में दोनों के प्रस्ताव मंजूर कर कमेटी ने पदक की अनुशंसा की।

- सूत्रों का दावा है कि दो एडीजी ने इन्हें पदक दिलाने पर आपत्ति की थी और कमेटी के निर्णय पर साइन करने से मना कर दिया। तब हैडक्वार्टर ब्रांच ने प्रस्ताव तत्कालीन डीजीपी अजीत सिंह के पास भेजा। उन्होंने पदक देने पर अनुशंसा कर दी।

हमने प्रस्ताव नहीं भेजा : एडीजी इंटेलीजेंस
हमने किसी भी पीएसओ का प्रस्ताव राष्ट्रपति पदक के लिए नहीं भेजा था।

- यूआर साहू, एडीजी इंटेलीजेंस


कमेटी का निर्णय था: तत्कालीन डीजीपी
कमेटी ने प्रस्ताव भेजे थे। कमेटी के निर्णय के बाद अनुशंसा की थी। किसके पीएसओ थे, इसकी जानकारी नहीं है।

-अजीत सिंह, तत्कालीन डीजीपी