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Special Interview: वसुंधरा बोलीं- छोटी बच्चियों के गुनहगारों को फांसी तक पहुंचाएगे

सरकार की चौथी सालगिरह, 2 बड़े एेलान। सबसे पहले भास्कर में- मुख्यमंत्री वसंुधरा राजे का विशेष इंटरव्यू

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 03:39 AM IST
मुख्यमंत्री वसंुधरा राजे का विशेष इंटरव्यू। मुख्यमंत्री वसंुधरा राजे का विशेष इंटरव्यू।

जयपुर. वसुंधरा राजे सरकार के आज चार साल पूरे हो गए हैं। इन चार सालों में राज्य कई सियासी मौसमों से गुजरा है। यहां धार्मिक कट्‌टरता की गर्म आंधी चली तो पहलू खां और राजसमंद जैसी घटनाओं ने भी बेचैनी पैदा की। जब जातीय तूफान उठे तो पद्मावती और आनंदपाल जैसे बड़े विवाद अपने पीछे छोड़ गए। दिल्ली की सियासी सरगर्मी जब जयपुर पहुंची तो राजधानी का तापमान भी बढ़ गया। अब चुनावी साल आ गया है। इस साल सरकार के चाल और चेहरे का मूल्यांकन होगा। अगला दिसंबर भी जल्द और चुपचाप चला आएगा। लेकिन फिलहाल तक सरकार ने खुद को चुनने वाली जनता के लिए क्या-क्या किया? क्या और करने वाली है? भास्कर ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से सवाल-जवाब कर यही जानना चाहा-

#चुनाव में नेतृत्व, सांप्रदायिकता की नफरत और कर्मचारियाें की नाराजगी से लेकर हर मुद्दे पर सीधे सवाल

1. शर्मनाक रिकॉर्ड पर

Q. आप महिला सीएम हैं, दुष्कर्म के मामले में राजस्थान देश में चौथे नंबर पर हैं? यह कलंक हटाने के लिए क्या किया?

A. हमने कई मामलों में तेजी से कार्रवाई की है, 15 दिनों के रिकॉर्ड समय में दोषियों को सजा तक दी है, पर यह काफी नहीं है। आगामी सत्र में हम नाबालिग से दुष्कर्म के दोषियों को फांसी तक पहुंचाने वाला बिल ला रहे हैं। मध्यप्रदेश के बिल को हम स्टडी कर रहे हैं।

2. हर घर से जुड़ा मुद्दा

Q. बहुत-सी गंभीर बीमारियां ऐसी हैं, जो मुफ्त दवा और मुफ्त जांच योजना में शामिल नहीं हैं। इसका दायरा बढ़ाएंगी?

A. हां, दायरा बढ़ा रहे हैं। एन्जियोग्राफी की जांच हम सभी सरकारी अस्पतालों में सभी के लिए फ्री करने जा रहे हैं। यह बहुत बड़ी राहत साबित होगी। यही नहीं, हम अपना हैल्थ बिल भी लाएंगे।

3. अगले चुनाव में नेतृत्व

Q. अगला चुनाव क्या आपके नेतृत्व में लड़ा जाएगा? सरकार के एक साल बाद से ही आपके दिल्ली जाने की चर्चाएं चल रही थीं...क्या आप केंद्र में जा रही हैं?
A.
मैं तो यही कहूंगी-जीना यहां, मरना यहां, इसके सिवा जाना कहां। मेरे तो पिछले पूरे कार्यकाल में भी दिल्ली जाने की चर्चाएं चल रही थीं।

Q. हेल्थ बिल तो दूर केन्द्र का क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट बिल ही ठीक से लागू नहीं हो पाया।
A.
नियम बन रहे हैं। सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्राइवेट अस्पताल रेट लिस्ट टांगें। सरकारी-प्राइवेट अस्पतालों को रोज सीजेरियन/नॉर्मल डिलीवरी का आंकड़ा बोर्ड पर लगाना अनिवार्य कर रहे हैं।

4. सरकार की परफॉर्मेंस

Q. सचिन पायलट ने आपकी सरकार को राज्य में अब तक की सबसे खराब परफॉर्मेंस वाली सरकार बताया है। ये पांचवां यानी चुनावी साल है। सरकार के परफाॅर्मेंस में हम क्या बदलाव देखेंगे?
A. पायलट को यह सवाल अपने पूर्व सीएम अशोक गहलोत से पूछना चाहिए। सब जानते हैं कि कांग्रेस सरकार ने राज्य को कितना पीछे धकेला है। बयान के बहाने पायलट अपनी सियासी परर्फोमेंस सुधार रहे हैं। वे अजमेर का दर्द अभी भूले नहीं हैं। साल-महीनों से हमारा न नजरिया बदलता है, न प्राथमिकताएं।

5. पद्मावती-सांप्रदायिकता: 2017 के सबसे विवादित मुद्दे

Q. अलवर में पहलू खां, जैसलमेर में मांगणियार कलाकार, अब राजसमंद में संप्रदाय विशेष के व्यक्ति की हत्या। सरकार सवालाें में है।
A.
राजस्थान कभी सांप्रदायिक नहीं हो सकता। घटनाएं हुई हैं, वे शर्मनाक हैं और निंदनीय हैं। आरोपी हर जगह पकड़े गए हैं। राजसमंद में हमने अगले दिन ही आरोपी को पकड़ लिया था।

Q. पद्मावती को लेकर नाक-गला काटने जैसे ओछे बयान दिए गए। आपने कार्रवाई करने के बजाय फिल्म बैन कर दी, कोर्ट के फैसले से पहले...?
A.
पद्मावती पूरे देश के लिए गौरव का विषय हैं। हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्षधर हैं, लेकिन किसी को नुकसान न पहुंचाए जाने तक। इतिहास से छेड़छाड़ स्वीकार नहीं है। बैन कानूनी राय के बाद लगाया।

6. कर्मचारी, किसान और क्रूड?

Q. कर्मचारी जनवरी 2016 से एरियर चाहते हैं, आप 2017 से दे रहे हैं, ऐसा क्यों?
A.
छठा वेतन आयोग भी हमने ही दिया था। वित्तीय संसाधन सीमित हैं। बातचीत के जरिए हम बैठकर कर्मचारियों की नाराजगी दूर कर देंगे।

Q. राजस्थान में आखिर रिफाइनरी कब लगेगी?
A.
इंतजार करिए... अच्छा होने वाला है।

Q. किसान कर्ज माफी के लिए आंदोलन कर रहे हैं। आखिर कर्ज माफ होगा क्या?
A.
कर्ज माफी के लिए हमने कमेटी बनाई है, जो अलग-अलग राज्यों में कर्ज माफी के मॉडल का अध्ययन कर रही हैं। रिपोर्ट आते ही हम इसे लागू कर देंगे।

चुनाव में नेतृत्व, सांप्रदायिकता की नफरत और कर्मचारियाें की नाराजगी से लेकर हर मुद्दे पर सीधे सवाल। - फाइल चुनाव में नेतृत्व, सांप्रदायिकता की नफरत और कर्मचारियाें की नाराजगी से लेकर हर मुद्दे पर सीधे सवाल। - फाइल